25 transformer is wist in village farmer disturbe
ललितपुर। खेतों में रबी की फसल की बुवाई चल रही है, लेकिन नलकूप से सिंचाई के लिए ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता नहीं होने के कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। विद्युत स्टोर में वर्तमान में नलकूप व ग्राम सभा के खराब पड़े 85 ट्रांसफार्मरों की कमी हैं। ऐसे में लगभग 25 ट्रांसफार्मरों के खराब होने से गांवों में अंधेरा पड़ा हुआ है।
जिले में इस समय किसान रबी की फसल की बुबाई की तैयारी कर रहा है। जिसके चलते खेतों में पलेवा यानि बुबाई से पूर्व की सिंचाई की जा रही है। इसके लिए किसान नहर, कुआं और नलकूप विद्युत मोटरों से खेतों मेें सिंचाई कर रहे हैं। लेकिन बहुत से क्षेत्रों में किसानों की नलकूप कनेक्शनों के विद्युत ट्रांसफार्मर महीना या फिर कई दिनों से फुंके पड़े हैं। जिसके चलते किसानों को सिंचाई में भी दिक्कत हो रही है। वर्तमान में विद्युत स्टोर में विभिन्न क्षेत्रों में किसानों के नलकूप कनेक्शन के लगभग 85 ट्रांसफार्मर खराब होकर बदलने के लिए लाए गए हैं। लेकिन स्टोर में पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने की वजह से विभाग समय से किसान उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर्स नहीं मिल पा रहे हैं। जिसके कारण किसान सिंचाई के लिए परेशान हो रहे हैं। यदि किसानों को पहली सिंचाई ही समय से नहीं हो पाती है तो इसका असर किसानों की फसल पर पड़ेगा। वहीं इनमें करीब 25 ट्रांसफार्मर ग्राम सभाओं के भी हैं, जिनमें कई सप्ताह से अंधेरा पसरा हुआ है। वहीं इनमें से 24 ट्रांसफार्मर टोल फ्री नंबर 1912 के भी हैं। जिनको 48 घंटे में बदलने का नियम है, लेकिन टोल फ्री नंबर पर शिकायत के कई दिनों के बाद भी किसानों को ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं हो सके हैं। वहीं अब तक खराब ट्रांसफार्मरों पैंडेंसी लगातार बढ़ती ही जा रही है। विभागीय अधिकारियों का भी मानना है कि नलकूप संयोजन वाले 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मरों की समस्या एक माह से अधिक बढ़ गई है।
रिपेयर ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता कम होने के कारण पैंडेंसी बढ़ गई है, जो भी ट्रांसफार्मर उपलब्ध हो रहे हैं वह वरीयता सूची के अनुसार किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान में 25 केवीए क्षमता के लगभग 84 ट्रांसफार्मरों की पैंडेंसी चल रही है।
नरेंद्र कुमार श्रीवास, सहायक अभियंता विद्युत स्टोर।