स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लें विद्यार्थी
ललितपुर। पूर्व माध्यमिक विद्यालय डुलावन में स्वामी विवेकानंद की 156 वीं जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य भगवानदास विश्वकर्मा ने स्वामी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य ने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। उनकी सोच युवाओं को आगे लाने की थी। वह कहते थे कि युवा ही देश का भविष्य होते हैं। बच्चे विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढे़। सहायक अध्यापक देवीशंकर कुशवाहा ने कहा कि विवेकानंद जी ने अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन में जो भारतीय संस्कृति का परिचय दिया था, वह अतुलनीय है। सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र जैन ने कहा कि मैंने स्वयं तमिलनाडु के भारत का अंतिम छोर कहे जाने वाले कन्याकुमारी में जाकर उनके स्मारक को देखा है वह स्मारक समुद्र के बीचोंबीच बना हुआ है। उसी जगह पर पूर्व में एक शिला थी। वह समुद्र में जहाज से जाकर उसी शिला पर बैठकर वह ध्यान व चिंतन किया करते थे। छात्रा काजल राजा चौहान, खुशबू चंदेल, प्रियंका विश्वकर्मा, लवीराजा चौहान, अजय झां, रितिक राजा चौहान, राजेंद्र अहिरवार ने भी अपने-अपने विचार रखे। इसके साथ ही चित्रकला व निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें प्रथम स्थान काजल राजा,द्वितीय स्थान राजेंद्र अहिरवार,तृतीय स्थान रितिक राजा चौहान व तृतीय स्थान खुशबू चंदेल ने प्राप्त किया। अन्य छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार दिया। इस दौरान मनोज विश्वकर्मा, अरविंद पंथ,नरेश चौबे,स्योचरन कुशवाहा मौजूद रहे।