डेयरी फार्मिंग और बर्मी कंपोस्ट से बन सकते आत्मनिर्भर
बेरोजगारों को पीएनबी आरसेटी ने दिया 10 दिन का प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर । पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा आयोजित 10 दिवसीय डेयरी फार्मिंग एवं बर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के प्रशिक्षण में युवक-युवतियों को इसका हुनर सिखाया गया। वक्ताओं ने कहा कि डेयरी फार्मिंग व बर्मी कंपोस्ट का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भरता पाई जा सकती है।
मुख्य अतिथि डीडीएम नाबार्ड अरविंद निगम ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थी नाबार्ड द्वारा चलाई जा रही डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस) के अंतर्गत अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर बैंक से ऋण सहायता लेकर उद्यमिता विकास में अपने कदम आगे बढ़ाएं। इस परियोजना में केवल भैंस पालन ही नहीं बल्कि अन्य गतिविधियां जैसे डेयरी पॉर्लर, डेयरी बूथ, प्राइवेट वैटेनरी सचल चिकित्सालय, मिल्क कोल्ड स्टोरेज आदि गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 33 प्रतिशत व अन्य वर्गों के लिए 25 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान भी है। विशिष्ट अतिथि पशु चिकित्साधिकारी बांसी डॉ. प्रशांत कुमार नायक ने अपने वक्तव्य में कहा कि डेयरी योजना शुरू करने पर पशुओं की देख-रेख, टीकाकरण एवं उपचार समयानुसार कराते रहे, जिससे कि पशुओं का स्वास्थ्य ठीक रहे। सही समय पर उनको चिकित्सीय सुविधा प्रदान कराते रहना चाहिए। उन्होंने पशुओं के बीमा कराने में शासन द्वारा दी जाने वाली छूट की योजना की भी जानकारी दी। इस अवसर पर गेस्ट फैकल्टी डॉ. राजीव निरंजन प्रवक्ता नेहरू महाविद्यालय ललितपुर व बैफ के डीपीओ महेंद्र द्विवेदी ने सभी प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन किया। मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। निदेशक आरसेटी एसएन मंडल ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को सफल प्रशिक्षण के लिए बधाई दी। संचालन इन हाउस फैकल्टी रूपेंद्र श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस मौके पर आरसेटी के वरिष्ठ फैकल्टी विनोद शर्मा, कार्यालय सहायक नंदकिशोर, सुनील कुमार अटैंडर राजीव रैकवार उपस्थित रहे।