उड़द के पत्ते पीले तो फली में लगने लगी फफूंदी
रिमझिम फुहार से फसलों को भारी नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
सौंरई (ललितपुर)। लगातार हो रही मानसूनी बारिश से उड़द के पत्ते पीले पड़ गए हैं तो फली में फफूंदी लग गई है। यही नहीं, मूंग, सोयाबीन, मक्का और तिल की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों के लिए यह किसी विपदा से कम नहीं है। रही सही कसर अन्ना जानवर पूरी कर रहे हैं।
तहसील मड़ावरा क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने ब्याज पर बैंकों में अपनी उपजाऊ जमीन गिरवी रखकर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया, जिन्हें इस वर्ष बेहतर उपज की आस थी। लेकिन हो रही बारिश से उड़द, मूंग, सोयाबीन, मक्का और तिल सहित अधिकांश फसल पानी की मार से स्वाह हो गई हैं। बम्हौरी कलां, सौंरई, पिसनारी, गोरा कलां, पिपरट, बहादुरपुर, उल्दना, धौरीसागर, सिरोन और पिसनारी सहित क्षेत्र के अधिकांश गांव में बरसाती फसलें पूरी तरह पानी की लगातार मार से चौपट हो चुकी हैं। बम्हौरी कलां के किसान करन सिंह पुत्र ईश्वर सिंह जो कि बम्हौरी कलां के राजा बाबा हार में लगभग 15 एकड़ भूमि पर उड़द और सोयाबीन की फसल की बुवाई किए हुए हैं। इन्होंने बताया कि इस वर्ष लगभग एक लाख का लोन में खेती के लिए बैंक से कर्ज लिया था। लेकिन हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पूरी फसल जमीदोंज हो गई हैं। रही सही कसर मौसमी रिमझिम फुहार ने भी पूरी कर दीए फिलहाल में उड़द की फसल पककर तैयार हो चुकी है। लेकिन लगातार हो रही बूंदाबांदी फुहार के चलते पकी फसल में फफूंदी लग गई है। जो कि किसान के लिए किसी आफत से कम नहीं।
सुनील पुत्र दामोदर बताते हैं कि बेहतर फसल उपज के लिए हमने तमाम प्रकार की कीटनाशक दवाओं व रासायनिक खाद महंगे दामों में कर्जा लेकर खरीदा, लेकिन बारिश ने आई फसल को निगल लिया। और समूचे क्षेत्र में तमाम फसल चौपट हो चुकी हैं। एक तो आसमानी आफत से किसान त्रस्त है, ऊपर से अन्ना जानवर भी मुसीबत का सबब बने हुए है। जो मौसम की रही मार को पूरा करने में अपनी महती भूमिका निर्वाह कर रहे हैं। ऐसे में कर्जा चुकाने के भी लाने दिख रहे हैं। बखत सिंह पुत्र बाबू सिंह लोधी जो कि गांव में ही फुटकर परचून की दुकान खोल हैं, इन्होंने बताया कि बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष काफी घटिया क्वालिटी का उड़द व सोयाबीन दुकानों पर आ रहा है। अधिकांश उड़द फफूंदी लगा लालिमायुक्त आ रहा है। अगर ऐसी ही आसमानी आफत रूपी बारिश होती रही तो आने बाले समय में मक्का और तिल की फसल भी स्वाहा हो सकती है।