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दवाईयों के अभाव में मोतियाबिंद ऑपरेशन हुए प्रभावित

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दवाइयों के अभाव में मोतियाबिंद के आपरेशन हुए प्रभावित
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ललितपुर। जिला अस्पताल में तीन माह से दवाएं नहीं हैं। इसकी वजह से मोतियाबिंद के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं। यहां पर जनवरी से ओटी में ऑपरेशन करने व उसके बाद दी जाने वाली दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। इसका नतीजा यह है कि 160 मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं कराए जा सके। मजबूरन लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ा है। जहां उसने मनमाना पैसा वसूला गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते हैं जिसमें रोगों व उनके बचाव की जानकारी दी जाती है। नेत्र की जांच विशेषज्ञों द्वारा कराई जाती है। नेत्र से संबंधित बीमारियों का विशेष ख्याल रखने के लिए कहा जाता है। जांच में सामान्य मरीजों को केवल दवाइयां दी जाती हैं। मोतियाबिंद व नेत्र से संबंधित अन्य बीमारी के लिए मरीजों को जिला अस्पताल में बुलाया जाता है। कुछ मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल लाकर उनकी गहन जांच की जाती है। इसके बाद मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है। कुछ मरीज सीधे ही जिला अस्पताल में अपने मर्ज की जांच कराने के लिए पहुंचते हैं। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है लेकिन तीन माह से जिला अस्पताल में स्थित नेत्र विभाग के ऑपरेशन थियेटर में ऑपरेशन के दौरान दी जाने वाली आवश्यक दवाइयां नहीं हैं। इससे 160 मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। स्टोर कीपर उमाशंकर का कहना है कि स्टोर में अब दवाएं आ गई हैं। एक दो दिन में जिला अस्पताल की ओटी में दवाएं भेजवा दी जाएंगी। उधर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जेएस बक्शी का दावा है कि नेत्र विभाग की आवश्यक सभी दवाओं की खरीद मार्च में ही की जा चुकी है। वर्तमान में किसी प्रकार की दवाओं की कमी नहीं है।
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एक सप्ताह में होतेे 20 ऑपरेशन
जिला अस्पताल में रोज लगभग एक हजार से अधिक मरीज उपचार कराने के लिए आते हैं। इनमें से लगभग 50 से अधिक मरीज नेत्र विभाग से संबंधित आते हैं जिनमें एक दिन में लगभग दो मरीज ऐसे आते हैं, जो मोतियाबिंद से अधिक पीड़ित होते हैं। जो ऑपरेशन के लिए तैयार हो जाते हैं उनका ऑपरेशन भी किया जाता है लेकिन यहां पर वर्तमान में दवाइयों के अभाव में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।


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