गोदाम में खराब हो गई लाखों रुपये की खाद
ललितपुर। सरकार द्वारा जहां किसानों के हित में करोड़ों रुपये खर्च करके लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, वहीं सरकारी तंत्र की लापरवाही के चलते कृषकों के साथ छलावा हो रहा है। सोमवार को जनपद में प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने नगर भ्रमण के दौरान कृषि विभाग द्वारा संचालित केंद्रीय कृषि रक्षा भंडार का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत निर्मित कृषि निवेश केंद्र में रखे खाद को देखा, तो पाया कि वह पूरी तरह से खराब हो चुका था। उससे बदबू आ रही थी। उन्होंने कृषि विभाग के लखनऊ के अधिकारियों से बात कर मामले की जांच के आदेश दिए।
मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग/प्रभारी मंत्री ललितपुर सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को सुबह नगर भ्रमण किया। इस दौरान जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक एमएम बेग भी प्रभारी मंत्री के साथ उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने शहर के विभिन्न मुहल्लों/वार्डों में जाकर नगरवासियों से उनकी मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी व आवास के बारे में जानकारी ली। इस दौरान प्रभारी मंत्री नगर की फलमंडी से पुराना बसस्टैंड, घंटाघर, नदीपुरा, आजाद चौक, शहजाद नदी के पुल से होते हुए नदी मुहल्ला, चौबयाना से खिरिकापुरा जाकर स्थानीय निवासियों से बिजली, पानी व आवास जैसे मुद्दों पर बात की। उन्होंने खिरिकापुरा निवासी बसंती पत्नी परशु, संध्या पत्नी लालसिंह, मिथला पत्नी हरलाल और लक्ष्मीदेवी पत्नी जगदीश के नवनिर्मित प्रधानमंत्री आवासों को देखा। उन्होंने लाभार्थियों से आवास निर्माण के बारे में पूछताछ की। साथ ही दिन में बिजली के बल्ब को बंद करने के लिए लाभार्थियों को प्रेरित भी किया। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों से आवास निर्माण के लिए दी जाने वाली किस्तों के बारे में भी पूछताछ की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारी को रास्ते की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने विकास पथ फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने कंपनी के निदेशक डॉ. स्वतंत्र रिछारिया एवं सीईओ राजेश साहू से कंपनी द्वारा किये जाने वाले प्रमुख कार्यों, प्रमाणित बीज उत्पादन एवं विपणन तथा कल्यानपुरा गोवंश आश्रय स्थल में जैविक उर्वरक के उत्पादन के बारे में प्रगति एवं कार्ययोजना के बारे में पूछताछ की। इसके बाद प्रभारी मंत्री डोंड़ाघाट स्थित कृषि विभाग द्वारा संचालित केंद्रीय कृषि रक्षा भंडार पहुंचे। यहां पर उन्होंने कृषि रक्षा भंडार के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्होंने भवन के विभिन्न कक्षों में जाकर निर्माण कार्य को बारीकी से परखा और गुणवत्ता पूर्वक कार्य कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी को परिसर में फैली निर्माण सामग्री को व्यवस्थित ढंग से रखवाने के लिए निर्देशित किया। इसके उपरांत उन्होंने बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत निर्मित कृषि निवेश केंद्र में रखी माइक्रोन्यूटेन खाद (पोषक तत्व) की बोरियों का निरीक्षण किया, जहां पाया गया कि उक्त खाद की बोरियां यहां काफी लंबे समय से रखी हुई थीं, जो पास में जाने पर पाया कि उक्त रखी खाद सड़ चुकी थी और उससे बदबूू आ रही थी, जिस पर उन्होंने जिला कृषि अधिकारी से कारण पूछा, जिस पर बताया गया कि उक्त खाद की बोरियां लगभग 4 से 5 वर्ष पूर्व से ही रखी हुई थीं, जिसमें से काफी बोरियों को किसानों को बेचा जा चुका है। इस मामले में उन्होंने तत्काल कृषि विभाग के लखनऊ के अधिकारियों को फोन लगाकर नाराजगी जताई और उक्त मामले में जांच के आदेश दिए। भ्रमण के दौरान प्रभारी मंत्री के साथ अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, उपजिलाधिकारी सदर घनश्याम वर्मा, क्षेत्राधिकारी सदर हिमांशु गौरव, उप निदेशक कृषि संतोष कुमार सविता, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय उपस्थित रहे।