विधायक ने की ग्रीन लैंड को आवासीय, व्यवसायिक में बदलने की सिफारिश
सदर विधायक ने तैयार किया महायोजना लागू होने से पूर्व बदलने का प्रस्ताव
जिलाधिकारी को पत्र लिखकर महायोजना को शासन की मंशा के विपरीत बताया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। प्रदेश सरकार द्वारा जहां पूरे प्रदेश को हराभरा करने के लिए करीब नौ करोड़ पौधे रोपे गए हैं और जनपद ललितपुर में भी करीब चौदह लाख हर पौधे लगाए गए हैं, वहीं सरकार में भाजपा के ही एक विधायक ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शहरी क्षेत्र के विकास के लिए बनाई गई महायोजना के अंतर्गत ग्रीन लैंड को आवासीय, व्यवसायिक व शैक्षिक में बदलने की सिफारिश की गई, ताकि यहां विकासोन्मुखी गतिविधियां संचालित हो सकें और महायोजना के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के किसानों को उनकेे एकांतिक भौमिक अधिकारी प्रभावित न हो सकें।
सदर विधायक रामरतन कुशवाहा द्वारा जिलाधिकारी को लिखे पत्र में बताया गया है कि जनपद ललितपुर में स्थित एक मात्र नगर पालिका परिषद सहित 20 राजस्व ग्रामों को वर्ष 1991 में विनियमित क्षेत्र घोषित किया गया था व नगर महायोजना वर्ष 2000 से-2011 के लिए बनाई गई थी। इस महायोजना में विनियमित क्षेत्र के बीस राजस्व ग्रामों को कृषि हरित भूमि के रुप में चिह्नित किया गया था। जबकि गांवों में आबादी भी थी। वर्तमान में नगर का चौमुखी विकास में उक्त कृषि हरित भूमि के रुप में चिह्नित होने के कारण नक्शा आदि पास नहीं हो पाते हैं और कृषि हरित भूमि में आवासीय व्यवसायिक, शैक्षिक आदि विकासोन्मुखी गतिविधियां संचालित नहीं किए जाने का प्रावधान होने के कारण संक्रमणीय भूमिधर किसानों को उनके एकांतिक भौमिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, जो शासन की मंशा के विपरीत है। सदर विधायक ने जिलाधिकारी से उक्त समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। सदर विधायक की इस सिफारिश से महायोजना के अंतर्गत ग्रीन लैंड पर काबिज किसानों के भौमिक अधिकारों पर कितना प्रभाव पड़ेगा यह तो आगे की प्रक्रिया और वर्तमान प्रदेश सरकार की मंशा के अनुसार ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल यह मामला जिलाधिकारी के माध्यम से विनियमित प्राधिकरण को आगे की कार्यवाही के लिए स्थानांतरित किया गया है।
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इनका कहना है-
हरित भूमि के संबंध में जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा है। महायोजना के तहत हरित भूमि में आवासीय, व्यवसायिक व शैक्षिक जैसी विकासोन्मुखी गतिविधियां नहीं होने से किसानों के भौमिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए विधानसभा में बात रखी जाएगी।
रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक।