आधार नामांकन में विभाग नहीं ले रहा दिलचस्पी
ललितपुर।
परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों का आधार नामांकन कराने के लिए अगस्त माह तक का समय निर्धारित किया गया था। इस शैक्षिक सत्र को समाप्त होने में मात्र दो माह का ही समय बचा है, लेकिन अभी भी जनपद के परिषदीय विद्यालयों के 28 हजार से अधिक बच्चों का आधार नामांकन नहीं हो सका है। इसके पीछे शासन की मंशा थी कि सरकारी विद्यालयों में फर्जी छात्रांकन के नाम पर हो रहे गड़बड़ झाले को रोका जा सके, लेकिन जनपद में ऐसा नहीं हो पा रहा है। सरकारी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित होने वाले छात्रांकन में विभाग समानता नहीं ला पा रहा है।
शासन ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का आधार नामांकन का कार्य शत-प्रतिशत कराने के लिए अगस्त माह तक का समय दिया गया था। वहीं, बेसिक अपर शिक्षा निदेशक रूबी सिंह ने हाल ही में बीती दो जनवरी को समस्त जनपदों से शत-प्रतिशत आधार नामांकन की सूचना भी मांगी है। गौरतलब है कि शासन के तमाम निर्देशन व सख्ती के बाद भी जनपद में अभी तक 28 हजार बच्चों का आधार नामांकन होना बाकी है। जनपद के नगर क्षेत्र व समस्त ब्लॉक के कुल एक लाख 74 हजार 531 बच्चों में से वर्तमान में एक लाख 46 हजार 418 बच्चों का आधार नामांकन हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग और प्रशासन द्वारा सख्ती नहीं बरतने के कारण अभी तक शत-प्रतिशत आधार नामांकन नहीं हो सका है। सरकारी विद्यालयों में बच्चों का शत-प्रतिशत आधार नामांकन नहीं होने के कारण शासन की मंशा पूरी होती नजर नहीं आ रही है। सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को नि:शुल्क यूनिफार्म, पाठ्य पुस्तकें, स्कूल बैग, जूता-मोजा और स्वेटर वितरण योजना चला रही है। इन समस्त वितरण योजनाओं में जिला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शासन को उपलब्ध कराए जा रहे जनपद के परिषदीय विद्यालयों का छात्रांकन किसी भी योजना में समानता नहीं आ रही है।
छात्रांकन में नहीं आ रही समानता
बेसिक शिक्षा विभाग के जनपद के छात्रांकन के संबंध में विभिन्न आंकड़ों पर नजर डालें तो इस तरह भिन्नता आ रही है। वर्तमान में विभाग 1,74,531 बच्चों का आधार नामांकन का लक्ष्य लेकर आधार नामांकन करा रही है, तो बीते दिसंबर माह का आंकड़ा है, इस हिसाब से जनपद के परिषदीय विद्यालयों की कुछ संख्या 1,74,531 है। वहीं, हाल ही में विभाग द्वारा स्वेटर वितरण के लिए तैयार ब्योरा के अनुसार परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का कुल छात्रांकन 1,70,498 है। इसी तरह दो माह पूर्व वितरित किए जाने वाले नि:शुल्क जूता-मोजा वितरण योजना के अनुसार जनपद के परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का कुल छात्रांकन 1,70,103 है। वहीं, विगत दो माह पूर्व ही बच्चों को नि:शुल्क बैग भी वितरित किए गए, इस योजना के अनुसार जनपद के परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का कुल छात्रांकन मात्र 1,57,570 है, जिसमें काफी बड़ा अंतर आया है। इसके अलावा इस वर्ष जो परिषदीय विद्यालयों बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें वितरित की गई हैं, उसके अनुसार जनपद के परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का कुल छात्रांकन 1,68,885 है। इसके अलावा बच्चों को वितरित की गई यूनिफार्म के आंकड़ों में छात्रांकन में भिन्नता है।
फर्जी छात्रांकन से यह होते घपले
सरकारी विद्यालयों में फर्जी तरीके से अधिक छात्रांकन दिखाकर कई घपले किए जाते हैं। इससे सरकारी योजनाओं जैसे यूनिफार्म वितरण, मिड-डे मील योजना, स्वेटर, बैग व जूते-मोजे वितरण में गड़बड़ी के साथ-साथ शिक्षक अपनी तैनाती के लिए भी फर्जी छात्रांकन का सहारा लेते हैं। जैसे को प्रधानाचार्य है तो वह अपने विद्यालय का छात्रांकन 100 से कम नहीं होने देते हैं, वरना उनका तबादला अन्य विद्यालय में हो जाएगा। इसके अलावा छात्रांकन बढ़ाकर विद्यालय अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराना भी इसी घपलेबाजी का हिस्सा है।
समय के अनुसार हो जाता छात्रांकन में अंतर
नवीन शैक्षिक सत्र की शुरुआत अप्रैल से होती है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रवेश जुलाई तक होते हैं। इसके बाद स्कूल चलों अभियान में भी छात्रांकन बढ़ जाता है। इसी तरह छात्रांकन में भी अंतर आ जाता है। आधार नामांकन का कार्य जारी है, जल्द की शत-प्रतिशत आधार नामांकन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।