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लघुसिंचाइ्र विभाग में बाकी अलमारियों के ताले भी तोड़े

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लघु सिंचाई विभाग में बाकी अलमारियों के ताले तोड़े
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ललितपुर।
लघु सिंचाई विभाग में 12 वर्ष से जमे मान चित्रकार का स्थानांतरण के बाद भी दूसरे स्थानांतरण का चार्ज नहीं देने के मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम की निगरानी में अलमारियों के ताले तोड़कर चार्ज लेने की प्रक्रिया अमल में लाई गई है। स्थानांतरण के बाद उक्त मान चित्रकार अलमारियों के ताला लगाकर चाबियां अपने साथ ले गया था, जिसके चलते दो माह से अधिक समय से कई महत्वपूर्ण पत्रावलियां अलमारियों में बंद होने के चलते महत्वपूर्ण कार्य अटके पड़े थे। चार अलमारियों के ताले दो सप्ताह पूर्व तोड़कर चार्ज लिया गया था, जबकि कुल 14 अलमारियां में दस के ताले तोड़ना की प्रक्रिया रह गई थी।
लघु सिंचाई विभाग में तैनात मान चित्रकार सुरेंद्र कुमार जनपद में बारह वर्ष से विभाग को सेवाएं दे रहा था। इसके चलते उसे विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं के अंतर्गत पत्रावलियों के रखरखाव का जिम्मा दिया गया था। गत ढाई माह पूर्व उक्त सुरेंद्र कुमार का स्थानांतरण अन्य जनपद उरई कर दिया गया था और 26 अगस्त को उसे विभाग से रिलीव भी कर दिया गया था। लेकिन उसने ललितपुर के कार्यालय में स्थानांतरित होकर आए दूसरे मान चित्रकार अजय कुमार खरे को चार्ज नहीं दिया गया। इसके चलते यह कई महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्य अटका हुआ है। इसके चलते अधिशासी अभियंता मृत्युंजय कुमार द्वारा यह मामला डीएम के संज्ञान में लाया गया, जिस पर तीन नवंबर को एसडीएम देवेंद्र पाल की निगरानी में चार अलमारियों के ताले तुड़वाकर चार्ज दूसरे मान चित्रकार को सौंपा गया था। बाकी दस अलमारियों के ताले 14 नवंबर सोमवार को तुड़वाकर पत्रावलियों का चार्ज मान चित्रकार को सौंपा गया।
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सूखा ग्रस्त को लेकर होगा आंदोलन
ललितपुर। कृषि मंत्री द्वारा जहां झांसी जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है, वहीं ललितपुर को जिला प्रशासन द्वारा जिला को 33 प्रतिशत की रिपोर्ट लगाकर सूखे से वंचित कर दिया गया। वहीं किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर दलालों के माध्यम से बैंक अधिकारियों द्वारा किसानों को ठगा जा रहा है। यह आरोप सामाजिक कार्यकर्ता ओम यादव ने एक पत्रकार वार्ता में लगाए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी ही जमीन पर लोन के लिए बैंक में दस से पंद्रह प्रतिशत पैसा देना पड़ ता है। वहीं हरिजनों के पैसे भी हड़पे जा रहे हैं। किसानों को खाद बीज देने में सहकारी समितियों पर उन्होंने भेदभाव के आरोप भी जड़े हैं। समितियों के दलालों पर उन्होंने खाद, बीजों का स्टॉक कर मनमाने भाव में किसानों को बेचकर खुलेआम लूटने की आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बिजली प्लांट को यहां पानी सप्लाई की जा रही है, जबकि किसानों को पानी देने में कटौती की जा रही है। राजघाट बांध से किसानों को सिंचाई के लिए 90 दिन का वादा किया था, लेकिन 60 दिन ही पानी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह अगले सप्ताह कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपकर किसानों की जटिल समस्याओं का हल करने का आग्रह करेंगे। यदि फिर भी समस्या निस्तारण नहीं हुआ तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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