ललितपुर। जिले के प्रभारी मंत्री और राज्यमंत्री मनोरंजन कर मदन चौहान ने जिला योजना समिति की बैठक में वित्त वर्ष 2016-17 की जिला योजना के लिए 2.52 अरब रुपये से अधिक का परिव्यय सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिला योजना समिति के सदस्य सचिव मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने वर्ष 2016-17 में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित धनराशि और उसके सापेक्ष किए जाने वाले कार्यों की जानकारी प्रभारी मंत्री के सम्मुख प्रस्तुत की। बताया कि वर्ष 2016-17 की जिला योजना हेतु 2,52,63.00 लाख (दो अरब 52 करोड़ 63 लाख रुपये) का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। इस परिव्यय को 44 विभागों/सेक्टरों में बांट कर विभिन्न योजनाओं में प्रस्तावित किया गया।
इसमें विकास भवन के आधुनिकीकरण पर 66 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और तालबेहट और महरौनी में चीर घर का निर्माण, होम्योपैथिक चिकित्सालय भवनों के निर्माण के लिए 70 लाख रुपये, आयुर्वेदिक चिकित्सा के तहत ग्राम बरौदा स्वामी, बम्हौरी एवं खजुरिया में चिकित्सालय भवनों का निर्माण हेतु 48.50 लाख रुपए, ग्रामीण पेयजल के तहत 5.89 करोड़ रुपये की लागत से बालाबेहट ग्रामीण पाइप पेयजल योजना का विस्तार, 200 नए हैंडपंपों और हैंडपंपों के रीबोर, ग्रामीण स्वच्छता के तहत आठ हजार स्वच्छ शौचालयों के लिए 09.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता यादव, विधायक महरौनी फेरन लाल अहिरवार, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, लोकसभा सांसद प्रतिनिधि डा. जगदीश सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव के अलावा जिला योजना समिति के सदस्यगण तथा जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इन कार्यों को मिली स्वीकृति
कृषि विभाग द्वारा 32 लाख का रुपये परिव्यय प्रस्तुत किया गया, इसके तहत नेशनल सीड एंड पाम के अंतर्गत अनुदान पर बीज का वितरण, कृषक प्रशिक्षण, कृषि रक्षा रसायन वितरण के अलावा मानव चालित एवं शक्ति चालित उपकरणों का वितरण किया जाना है। उद्यान विभाग द्वारा 25,62 लाख रुपये की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है। पशुपालन विभाग द्वारा 55.4 लाख रुपये का परिव्यय प्रस्तुत किया गया। मत्स्य विभाग ने 02.46 लाख रुपये, दुग्ध विकास विभाग ने 29.04 लाख रुपए वन विभाग द्वारा 09.57 करोड़ रुपए, ग्राम विकास विभाग द्वारा 01.30 करोड़ रुपए, भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग द्वारा 1,560 हेक्टेयर में भूमि सुधार के कार्य हेतु 07 करोड़ रुपए का परिव्यय प्रस्तावित किया गया।
पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामों की आंतरिक गलियों के निर्माण, सीसी रोड निर्माण, केसी ड्रेन निर्माण के साथ ही 05 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण हेतु 05.09 करोड़ रुपए का परिव्यय, ग्राम विकास विभाग के अंतर्गत सामुदायिक विकास योजना के अंतर्गत विकासखंडों में टाइप 04 के आवासीय भवनों की साज-सज्जा, लघु सिंचाई के अंतर्गत 09.13 लाख करोड़ रुपए धनराशि, 350 गहरी बोरिंग तथा 10 चेकडेमों के निर्माण हेतु प्रस्तावित की गई।
अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत के अंतर्गत 76.72 लाख रुपए की लागत से 375 सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना की स्थापित इकाइयों/उद्यमियों को बैंकों के वित्त पोषण हेतु 2 लाख रुपये, लोक निर्माण विभाग द्वारा 20.19 करोड़ रुपए की लागत से 12.65 किमी सड़कों का निर्माण एवं 47.88 किमी सड़कों का पुनर्निर्माण का परिव्यय, प्राथमिक शिक्षा के तहत 347 शिक्षा मित्रों के मानदेय तथा मिड-डे मील हेतु 03.64 करोड़ रुपये माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा 06 व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों के विशेषज्ञों के मानदेय तथा राष्ट्रीय व्यवसायिक शिक्षा के तहत 15.06 करोड़ रुपए, राजकीय पालीटेक्निक में 02 भवनों के निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, प्रादेशिक विकास दल विभाग द्वारा 07 ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए 1.5 लाख रुपये, 03 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उच्चीकरण, पूल्ड आवास हेतु 03.07 करोड़ रुपये, ग्रामीण आवास के तहत 62.23 करोड़ रुपये, नगर विकास के लिए 01.75 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 6.70 करोड़ रुपये, पिछड़ी जाति के कल्याण हेतु 5.20 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक कल्याण हेतु 70 लाख रुपये, समाज कल्याण (सामान्य जाति) हेतु 03.43 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति कल्याण हेतु 61 लाख रुपए समेत अन्य प्रस्ताव पारित किए गए।