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रौंड़ा से महरौनी के लिए फिर से तैयारी होगी 33 केवी की डैड विद्युत लाइन

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डैड विद्युत लाइन सुधारने के लिए 1.76 करोड़ का एस्टीमेट
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ललितपुर। महरौनी में 132 केवी लाइन के टावर के बार-बार क्षतिग्रस्त होने से कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित बनी रहनी है। इसके चलते अब बिजली विभाग द्वारा रोंड़ा से महरौनी के लिए पूर्व में बिछाई गई 33 केवी विद्युत लाइन के मरम्मतीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके लिए बिजली विभाग ने इस लाइन के लिए 1.76 करोड़ रुपये की राशि का एस्टीमेट तैयार किया है। इसकी स्वीकृति के लिए अधिकारियों द्वारा एस्टीमेट को एमडी के पास भेजा जाएगा और स्वीकृति मिलने के बाद फिर से डैड लाइन की मरम्मत की जाएगी।
महरौनी में वर्ष 2015 में उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा क्षेत्र में सुचारु व बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए 132केवी विद्युत उपकेंद्र तैयार कर संचालित किया गया था। इसके लिए रोंड़ा 132 उपकेंद्र से महरौनी के लिए कई टावरों की मदद से 132केवी की हैवी लाइन बिछाई गई थी। यह हैवी लाइन तीन वर्ष भी ठीक से नहीं चल सकी और महरौनी क्षेत्र के 132 केवी लाइन के दो टावर माह जून 2018 में तेज आंधी में ढह जाने से क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसमें महरौनी, मड़ावरा, बानपुर और सोजना विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत करीब ढाई सौ से अधिक गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। जिसमें एक टावर तो ट्रांसमिशन विभाग द्वारा उस समय सुधार लिया गया था और क्षेत्र की बिजली सुचारु कर दी गई थी। लेकिन दूसरे टावर का मरम्मतीकरण का कार्य इसी माह एक सप्ताह पूर्व ही किया गया, जिसमें भी करीब तीन दिन तक महरौनी, मड़ावरा, सोजना और बानपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप रही और यह टावर सुधारने के लिए दो दिन बाद ही फिर से एक अन्य 123 नंबर टावर छपरट के पास क्षतिग्रस्त हो गया था, जबकि इसके पास में ही लगा एक और टावर भी झुक गया था, जिससे महरौनी 132 केवी उपकेंद्र से पोषित 33 केवी महरौनी, मड़ावरा, सोजना और बानपुर सब स्टेशन के अंतर्गत सभी ढाई सौ गांव की बिजली फिर से ठप हो गई, जो अभी तक सुचारु नहीं हो सकी है। हालांकि 132 केवी उपकेंद्र बनने से पूर्व इन क्षेत्रों में रोंड़ा से महरौनी, मड़ावरा, बानपुर और सोजना के लिए 33 केवी विद्युत लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति दी जाती थी। लेकिन महरौनी में उक्त 132 केवी उपकेंद्र बनने के बाद रोंड़ा से महरौनी तक की 33 केवी लाइन डिस्चार्ज होने के कारण कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई और कई जगह काट भी ली गई। जिसकी वजह से वर्तमान में चल रहे बिजली संकट होने के बाद भी महरौनी या अन्य क्षेत्रों में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ऐसे में अब बिजली विभाग ने एक बार फिर रोंड़ा से महरौनी तक की तीस किलोमीटर की 33 केवी लाइन को सही करने के लिए उसके मरम्मतीकरण के लिए एक करोड़, 76 लाख, सात हजार 872 रुपए का स्टीमेट तैयार किया है और इसे पास करते हुए विद्युत अधीक्षण अभियंता व चीफ अभियंता की संस्तुति के बाद प्रबंध निदेशक की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसमें लाइन की मरम्मत के साथ ही डिस्क, इंसुलेटर, खंभा आदि विभिन्न उपकरण बदले जाएंगे और लाइन फिर से तैयार की जाएगी।
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इनका कहना है-
रौंड़ा से महरौनी के लिए पूर्व से बिछाई हुई 33 केवी लाइन के मरम्मतीकरण के लिए 1.76 करोड़ रुपए का स्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों के पास भेजा गया है। जैसे ही उच्चाधिकारियों की स्वीकृति मिलती है, तो उसके बाद इन लाइन के मरम्मतीकरण का कार्य किया जाएगा।
- सौरभ पटैरिया, उपखंड अधिकारी महरौनी।
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