बीएसए ने सभी बीईओ का रोका वेतन, मांगा स्पष्टीकरण
सूचना संकलन में बरती जा रही उदासीनता पड़ी महंगी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के खंड स्तरीय अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में वांछित सूचनाएं कार्यालय में जमा नहीं कराना महंगा पड़ गया है। बीएसए ने निर्देशों की अवहेलना होने पर समस्त खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है, साथ ही उनसे स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। इससे बीईओ में खलबली मच गई है।
छह से 14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों का नामांकन परिषदीय स्कूलों में कराया जाता है। इसके उपरांत जो बच्चे स्कूल में नामांकित होने से छूट जाते हैं, उनकी हकीकत जानने के लिए हाउस होल्ड सर्वे कराया जाता है। इसे 30 अगस्त तक बीएसए कार्यालय में जमा किए जाने के निर्देश थे। इसके बाद भी खंड शिक्षा अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। यही स्थिति विद्यालय प्रबंध समितियों के गठन व यू डायस की सूचनाओं की है। इससे सूचनाओं का संकलन समय से नहीं हो पा रहा है। वहीं, लखनऊ स्तर पर हो रही बैठकों में मांगी गई सूचनाओं को भी विभागीय कर्मी रख नहीं पा रहे हैं। यही नहीं, उन्हें उच्चस्थ अधिकारियों की फटकार झेलनी पड़ रही है। इस स्थिति पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम ने नाराजगी जताते हुए समस्त खंड शिक्षा अधिकारी का अग्रिम आदेशों का वेतन रोक दिया है। उनका कहना है कि हाउस होल्ड सर्वे सहित मांगी जा रही सूचनाओं को समय से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कई बार वांछित अभिलेख कार्यालय में जमा कराने के लिए पत्राचार और सोशल मीडिया से अवगत कराया। इसके बाद भी सूचनाएं मुहैया नहीं कराई जा रही है जो निर्देशों की अवहेलना का द्योतक व उदासीनता का प्रतीक है। इसके मद्देनजर खंड शिक्षा अधिकारियों के वेतन रोक दिए हैं, साथ ही उन्हें तीन अक्तूबर तक स्पष्टीकरण सहित वांछित सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।