मंत्री का निरीक्षण बेअसर, मंडी के हालात जस के तस
ललितपुर।
जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही के निरीक्षण के बाद भी मंडी के अधिकारियों ने शौचालय व पेयजल की सुध नहीं ली। मंडी में आज भी शौचालय पर ताला लगा है, प्याऊ में पानी नहीं है व हैंडपंप खराब है। विभागीय अधिकारियों ने निर्माणाधीन का बोर्ड लगाकर अपने दायित्वों से इतिश्री कर ली है।
गल्ला मंडी में किसानों को ठहरने, पीने के पानी की सुविधा मुहैया कराई जाती है। लेकिन, विभागीय अधिकारियों के चलते ये तीनों सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। परिसर के मुख्यद्वार के पास बने सुलभ कांप्लैक्स में ताला जड़ा है। प्रसाधन केंद्र में भी भारी गंदगी पड़ी हैं। ऐसा ही नजारा मंडी के अंदर पुलिस चौकी के पास स्थित सुलभ कांप्लैक्स में भी ताला लगा है। साथ ही प्रसाधन केंद्र में सफाई न होने से गंदगी पड़ी है। परिसर में किसानों को पानी की सुविधा के लिए लगे अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। इसमें ज्ञान संतोष की दुकान के पास, विजय ट्रेडर्स के सामने, पुलिस चौकी के पास हैंडपंप एक खराब पड़ा है तो दूसरे हैंडपंप से जंग निकल रही है। वर्ष 2015-16 में क्षेत्रीय सांसद निधि से कार्यदायी संस्था सुडको ने मंडी परिसर में प्याऊ का निर्माण कराया जिसे आरओ से लैस किया गया था। जो निर्माण के दो माह तक ठीक ठाक चली। इसके जहां जैट पंप खराब हो गया वहीं आरओ ने भी काम करना बंद कर दिया। वर्तमान में लाखों रुपये की प्याऊ शोपीस बनकर रह गई। बीस माह बाद भी किसी ने इसकी सुध नहीं ली है। ऐसे में किसानों को पीने के पानी के लिए यहां वहां भटकना पड़ता है। बता दें एक फरवरी को प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंडी का निरीक्षण किया था। जहां शौचालय खराब व प्रसाधन केंद्र गंदे पाए गए थे। इसके अलावा लाईटें भी खराब पाई गई थीं। जिस पर उन्होंने मंडी परिषद निर्माण के एई को फटकार लगाते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। इस निरीक्षण को हुए एक सप्ताह गुजर गया लेकिन मंडी में व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ सकीं है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई से बचने के लिए शौचालयों के सामने निर्माणाधीन का बोर्ड जरूर लगवा दिया है। वहीं विश्राम गृह में भी लाइट की मरम्मत शुरू हो गई है।
मंडी परिसर में बिजली के पोल पड़े नंगे
मंडी परिसर में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए सड़क पर डिवाइडर बनाए गए हैं। इसमें बीच में प्रकाश के लिए विद्युत पोल लगाए गए हैं। जिन पर बिजली के उपकरण नहीं लगे हैं। जिससे वह खाली खाली नजर आते हैँ। ऐसे में स्ट्रीट लाईट से मंडी में प्रकाश उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंडी में लगे भगवा बोर्ड
मंडी परिसर के दो शौचालय खराब पड़े हैं। अब उन्हें निर्माणाधीन दर्शाया जा रहा है। इसके लिए शौचालयों के सामने भगवा रंग में बोर्ड पर निर्माणाधीन लिखा हुआ है।
जताई अनभिज्ञता
मंडी में हैंडपंप व प्याऊ के खराब होने की जानकारी नहीं है। मामला संज्ञान में आया है। तो इसकी जांच कराई जाएगी। जिनको शीघ्र ही ठीक कराया जाएगा। -पुष्पेंद्र कुमार, मंडी सचिव
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छोटू झां
सांसद निधि द्वारा बनी यह आरओ सुविधा युक्त प्याऊ शुरुआत में ही दो माह तक चली थी। तब से आज तक यह ठीक नहीं की गई। इसके जैट को चलाने पर हैंडपंप में भी करेंट आता है। जिससे यह प्याऊ आज तक बंद पड़ी है।
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कल्लू पल्लेदार
मंडी परिसर में हैंडपंप खराब हैं। इससे पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पुलिस चौकी के हैंडपंप में जंग आ रही है। इसकी शीघ्र ही मरम्मत कराई जाए। अन्यथा आने वाले दिनों में पानी की समस्या हो जाएगी।