सरचार्ज माफी योजना में दिलचस्पी नहीं ले रहे उपभोक्ता
शहरी क्षेत्र में चौदह दिन में हो सके मात्र 56 पंजीकरण
छह हजार ग्राहकों पर चल रही करोड़ों रुपये की बकाएदारी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। प्रदेश शासन द्वारा एक मुश्त बिजली बिलों के लिए भले ही सरचार्ज माफी योजना लागू की गई है, लेकिन उपभोक्ता इस योजना में बहुत अधिक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। चौदह दिन में शहर में मात्र 56 उपभोक्ताओं ने ही अब तक इस योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया है। जबकि, बिजली विभाग के कुछ उपभोक्ताओं पर तो करोड़ों रुपये बिजली का बकाया चल रहा है।
शहरी क्षेत्र में करीब 26 हजार बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब छह हजार विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा बिल जमा नहीं किया जा रहा है, जिन पर करोड़ों रुपये की बकाएदारी चल रही है। ऐसे बकाएदार उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा बिजली के बिलों में लगाए गए सरचार्ज को 100 फीसदी माफ करते हुए सरचार्ज माफी योजना लागू की गई है। यह योजना एक जनवरी को लागू करते हुए बकाएदार उपभोक्ताओं के लिए शासन द्वारा नए वर्ष के तोहफा के रुप में पेश की गई थी। इस योजना में घरेलू और कॉमर्शियल श्रेणी के दो किलोवाट क्षमता तक के उपभोक्ताओं के बिलों में बिल सही होने पर सरचार्ज में 100 फीसदी छूट का प्रावधान किया गया है। इसके लिए उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के काउंटर पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कराना है। यह पंजीकरण उपभोक्ताओं को बिल में लगाए गए ब्याज को हटाकर कुल शेष बिल राशि का एक तिहाई राशि जमा करने पर किया जाएगा। यदि बिलों में गड़बड़ी होगी तो विभाग द्वारा उक्त बिल में विभाग द्वारा 15 दिन के अंदर संशोधन करना होगा और संशोधित बिल की सूचना विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को एसएमएस, ई-मेल या अन्य माध्यम से दी जाएगी। उपभोक्ताओं को यह संशोधित राशि 31 मार्च तक एक मुश्त या फिर किश्तों में जमा करनी होगी। यदि उपभोक्ता यह राशि समय पर जमा की जाती है तो उसके बिल में से सरचार्ज की शत प्रतिशत राशि माफ कर दी जाएगी, यदि उपभोक्ता समय से बिल जमा नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को सरचार्ज सहित पूर्ण विद्युत बकाया बना रहेगा और जमा की गई राशि में से दो हजार रुपये की राशि जब्त कर ली जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया इस बार ऑनलाइन रहेगी, जिसके चलते भविष्य में त्रुटिपूर्ण बिल निर्गत नहीं किए जा सकें और उपभोक्ता समय से बिजली का बिल जमा कर सकें। विभाग द्वारा यह सरचार्ज माफी योजना लागू किए 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक शहरी क्षेत्र में मात्र 56 बिजली उपभोक्ताओं द्वारा ही पंजीकरण कराया है। वहीं, सोमवार को मात्र 13 उपभोक्ताओं द्वारा ही पंजीकरण कराया गया है। इन उपभोक्ताओं पर बिल संशोधन के पूर्व कुल छह लाख इक्यावन हजार 769 रुपए बकाएदारी चल रही थी, जिन पर कुल दो लाख चौरासी हजार 632 रुपये सरचार्ज था, जो माफ किया जाएगा। बिल संशोधन के बाद इन 13 उपभोक्ताओं को अब मात्र एक लाख 65 हजार 996 रुपये जमा करने होंगे। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में छह हजार उपभोक्ताओं पर करोड़ों रुपये की बकाएदारी चल रही है। ऐसे में लेकिन चौदह दिन बीतने के बाद भी उपभोक्ताओं द्वारा पंजीकरण में दिलचस्पी नहीं लेने के चलते विभाग के सामने उक्त योजना में विद्युत राजस्व की वसूली करना मुश्किल होता जा रहा है। इसके चलते बिजली विभाग के अधिकारियों को इस योजना की धीमी प्रगति की वजह से आला अधिकारियों की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती है।
मीटर रीडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगे योजना
सरचार्ज माफी योजना में कम पंजीकरण होने के चलते बिजली विभाग द्वारा विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ ही मीटर रीडरों को भी योजना की जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिलिंग कंपनी के सुपरवाइजन तौफीक सलीम मून ने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा सरचार्ज माफी योजना की जानकारी वाले पंपलेट दिए गए हैं, जो मीटर रीडरों के माध्यम से रीडिंग के दौरान घर-घर तक पहुुंचाए जाएंगे। हालांकि, यह सरचार्ज माफी योजना वाले पंपलेट सभी उपभोक्ताओं तक मीटर रीडरों द्वारा पहुंचाया भी जाता है या फिर यह योजना वाले पंपलेट मात्र कागज की रद्दी ही बनकर न रह जाएं, इसके लिए अधिकारियों के साथ ही खुद कंपनी के सुपरवाइजर को भी सजग रहने की जरूरत है।
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सरचार्ज माफी योजना के लिए अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। योजना की जानकारी के लिए मीटर रीडरों के माध्यम से लोगों को सजग किया जा रहा है। इस योजना में 31 जनवरी तक पंजीकरण किए जाएंगे।
शैलेंद्र कुमार कटियार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम।