एसडीएम आत्महत्या: उच्चस्तरीय जांच की मांग
- एडीएम ने आम लोगों से मांगी जानकारी
ललितपुर। मड़ावरा एसडीएम द्वारा आत्महत्या करने के मामले में राजनीति तेज हो गई है। विपक्षीदल आत्महत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं मजिस्ट्रीयल जांच कर रहे एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने आम लोगों से इस संबंध में साक्ष्य उपलब्ध करवाने की अपील की है।
गौरतलब हो कि रविवार को मड़ावरा एसडीएम हेमेंद्र कांडपाल ने होमगार्ड की राइफल लेकर खुद को गोली मार ली थी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले को संदिग्ध मानते हुए विपक्षीदल उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। बुधवार को कांग्रेस पदाधिकारियों ने मामले को संदिग्ध मानते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर एसआईटी से जांच की मांग की थी, वहीं बृहस्पतिवार को भी विपक्षीदलों ने इस मुद्दे पर आरोप लगाए। लोकतंत्र बचाओ साइकिल यात्रा पर निकले राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने एसडीएम आत्महत्या प्रकरण को साजिश बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। सांसद ने बताया कि एसडीएम के परिजन पहले ही कह चुके हैं कि उन पर बच्चे की बीमारी और तबादले का कोई दबाव नहीं था तो फिर क्यों उनको आत्महत्या करनी पड़ी। सांसद ने बताया कि उन पर किसी अधिकारी या आपराधिक प्रवित्ति के व्यक्ति का दबाव रहा होगा। इस कारण उनको आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की। वहीं लोक जनशक्ति पार्टी ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की। लोजपा पदाधिकारियों ने बताया कि एसडीएम आत्महत्या से पूर्व केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में शामिल हेेने गए थे। फिर ऐसी कौन सी बात हुई कि मेज पर लगे खाने को छोड़कर उन्होंने मौत को गले लगा लिया। इस मामले को चार दिन बीत जाने के बाद भी मौत के कारणों को पुलिस और प्रशासन स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। यदि इस मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए तो कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
एडीएम ने मांगे साक्ष्य
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के निर्देश पर मजिस्ट्रीयल जांच कर रहे अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने आत्महत्या प्रकरण में आम लोगों से साक्ष्य उपलब्ध करवाने की अपील की है। उन्होंने पत्र जारी कर बताया कि एसडीएम की मृत्यु का कारण स्पष्ट न हो पाने के कारण निष्पक्ष जांच के लिए मजिस्ट्रीयल जांच करवाई जा रही है। इसके लिए जिस किसी भी व्यक्ति को उक्त घटना के संबंध में कोई जानकारी हो, साक्ष्य देना हो या कोई वयान देना हो तो वह कलेक्ट्रेट स्थित अपर जिलाधिकारी के कार्यालय में 15 अक्तूबर से पहले संपर्क कर सकता है।