पर जोन में कम नहीं हुआ पेयजल का संकट
डीएम, एसडीएम सहित एक्सईयन कर चुके निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शहर के मुहल्ला नेहरू नगर सहित कई मुहल्लों में पेयजल का संकट कम नहीं हुआ है। जहां सिद्दनपुरा वार्ड के पंप हाउस पर टैंकर का दबाव पड़ने से पाइप जलापूर्ति पर विपरीत असर पड़ा है। वहीं, मंगलवार को नेहरू नगर की पाइप पेयजल योजना जवाब दे गई। यहां नलों से पानी नहीं टपकने से लोग टैंकर के लिए टकटकी लगाए बैठे रहे। वहीं, आजादपुरा प्रथम के सभासद थकहार कर घर बैठ गए। यहां कई जगहों पर जलापूर्ति बाधित बनी हुई है।
शहर में जिस तरह से पेयजल का संकट बना हुआ है, उससे केंद्रीय पेयजल मंत्री उमा भारती के दावों की पोल खुल गई है। उन्होंने जनपद भ्रमण के दौरान करीब दो माह पहले पेयजल की दीर्घकालीन योजना बनाए जाने की बात कही थी। लेकिन, इसके बाद भी शहर की पेयजल समस्या का निदान नहीं हो सका। जब से गर्मी की शुरुआत हुई तब से लेकर आज तक शहर की जलापूर्ति पटरी पर नहीं आ सकी है। इससे परेशान होकर पिछले दिनों नेहरू नगरवासी सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने हरकत में आते हुए नेहरू नगर की पेयजल समस्या पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन प्रशासन की दो दिन की कसरत के बाद भी मुहल्लेवासियों के हाथ सिर्फ परेशानी ही आई। मंगलवार को नेहरू नगर में नल नहीं आए। इससे लोगों को टैंकर जलापूर्ति पर निर्भर होना पड़ा। उधर, मुहल्ला आजादपुरा प्रथम का और भी बुरा हाल है। यहां के सभासद स्वयं इस समस्या से जूझ रहे हैं। यहां जल संस्थान की ओर एक ही टैंकर पहुंच रहा है जबकि सभासद ने आठ टैंकर की मांग की थी। उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता से लेकर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा का ध्यान खींचा। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। वहीं, जुगपुरावासियों को पाइप लाइन विस्तार की कमी खल रही है। अब कांग्रेस इसकी लड़ाई लड़ने का मन बना चुकी है। आने वाले दिनों में यह मामला गर्माने के आसार हैं।
नहीं मिला टैंकर से पानी
नेहरू नगर में पानी की बड़ी समस्या है। टैंकर तो आते हैं लेकिन लग रही भीड़ में सभी को पानी नहीं मिल पाता है। आज भी ऐसा ही हुआ। जब तक टैंकर पर पानी लेने पहुंचे तब तक लोगों ने अपने-अपने बर्तन जमा कर रख लिए थे। जब हमारी बारी आई तो टैंकर खाली हो चुका था। अब दूसरे टैंकर के आने का इंतजार कर रहे हैं।
ऊषा
एक महीने से नहीं आए नल
एक माह से नल नहीं आ रहे हैं। जब कभी टुल्लू मशीन से पानी आता है वरना, नल से पानी की जगह हवा निकलती है। पूरा महीना यूं ही बीत गया। इस समय टैंकर से पानी जुटाकर काम चला रहे हैं। टैंकर पर भीड़ देखते ही बनती है। कोई ठेला तो कोई टैक्सी में बर्तन लेकर पानी भरने पहुंचता है।
मु. समद
हैंडपंप खराब होने से बड़ी समस्या
मालाजी के खेत मेें दो हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनसे लोग अपनी प्यास बुझा रहे थे। लेकिन वह भी तीन चार दिन से खराब पड़े हैं। जल संस्थान के कर्मी सूचना के बाद उसे सुधारने नहीं पहुंच रहे हैं। जो टैंकर आ रहे हैं वह मेन सड़क पर खड़े होते हैं। गलियों में पीने के पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
कोमल
दो साल से नहीं आए नल
घर में लगे नल में करीब दो साल से पानी नहीं आया है। पहले हैंडपंप से पानी भरते थे, अब उसमें ही पानी कम हो गया है तो मजबूरन, टैंकर से प्यास बुझानी पड़ रही है। जब तक गलियों में टैंकर नहीं पहुंचेंगे तब तक पानी की समस्या कम होने वाली नहीं है। जिस पर किसी का ध्यान तक नहीं है।
शांति
रोजे में भी पानी के लिए हो रहे परेशान
सुबह होते ही पानी भरने की चिंता सताने लगती है। जब तक घर में पानी का इंतजाम नहीं होता तब तक और किसी काम में मन नहीं लगता है। रोजे में भी पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इससे समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
शकील खान
थकहार कर बैठ गए घर
मुहल्ले में पानी की भीषण समस्या है। वह खुद इससे जूझ रहे हैं। जल संस्थान के अधिकारी से लेकर विधायक तक से कह चुके हैं लेकिन किसी ने समस्या का अभी तक समाधान नहीं किया है। वर्तमान में थकहार कर घर बैठ गए हैं।
हरिओम कुशवाहा, सभासद
वार्ड नंबर 16, आजादपुरा प्रथम
टोरिया मंदिर तक नहीं पहुंच रहा पानी
जब से पंप हाउस पर टैंकरों में पानी भरा जा रहा है तब से टोरिया मंदिर तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसी तरह टैंकर से काम चलाया जा रहा है।
रामवती रजक
वार्ड नंबर 1 सिद्दनपुरा
अधिकारी की मौजूदगी में चले टैंकर
अवर अभियंता प्रशांत त्रिपाठी की मौजूदगी में टैंकर से जलापूर्ति की गई। गत दिवस डीएम मानवेंद्र सिंह ने निरीक्षण कर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को अधिकारी की मौजूदगी में टैंकर जलापूर्ति कराने के निर्देश दिए थे। इसमें क्रम में आज ये जलापूर्ति की गई।