जीवन में पुण्य कार्यों से ही मिलेगी शांति
ललितपुर। जैन पर्यूषण पर्व के दौरान क्षेत्रपाल मंदिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि सागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति के पास पाप के लिए दिन अधिक और पुण्य के लिए दिन कम रहते हैं। जबकि जीवन में पुण्य द्वारा ही शांति की प्राप्ति है। धार्मिक पर्व व्यक्ति को पतित से पावन बनाने के लिए संस्कार देते हैं, जो व्यक्ति के लिए कल्याणकारी होती है।
क्षेत्रपाल मंदिर में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मुनिश्री से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस मौके पर जैन समाज ने जिलाधिकारी को शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने आचार्य विद्यासागर महाराज के 50वें संयमोत्सव पर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि देश के अनेकों स्थानों पर समाज की अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। धर्मसभा में प्रमुख रूप से जैन पंचायत के संयोजक प्रदीप सतरवांस, मुकेश सराफ, राजेंद्र जैन, संजीव जैन, अक्षय अलया, राहुल कलरैया, वैभव जैन टिन्ना, अजित जैन, सुंदरलाल अनौरा, ज्ञानचंद इमलया, सुरेश बाबू जैन आदि मौजूद रहे।
इसके बाद अभय सागर महाराज द्वारा क्षेत्रपाल मंदिर में मुख्य ग्रंथ तत्वार्थ सूत्र का वाचन ब्रह्मचारिणी नीता दीदी ने किया। तत्वार्थ सूत्र पर प्रवचन हुए सायंकाल आचार्य भक्ति संगीतमय आरती एवं भक्ताम्मर मंडल के रिद्धि मंत्रों के बीच प्रज्जवलित 48 दीपों की आरती हुई।