तुवन मंदिर की व्यवस्थाएं सुधारने ललितपुर पहुंचे संत
ललितपुर। वर्तमान की प्रदेश और केंद्र सरकार पर पूरा विश्वास है कि वह राम मंदिर का निर्माण करवाएगी। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने भी आपसी सहमति के आधार पर समझौता करने का सुझाव दिया है। लेकिन, यह समझौता एक ही शर्त पर होगा कि मुस्लिम जन्मभूमि की एक इंच जमीन पर भी अपना हक नहीं जताएंगे। यह बात अयोध्या के दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास ने अमर उजाला से बातचीत में कही। वह यहां श्री तुवन मंदिर में हुई फायरिंग की घटना के संबंध में व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए आए हैं।
सुरेश दास ने बताया कि श्री तुवन मंदिर में हुई घटना निंदनीय है और असमाजिक तत्वों की ओर से किया गया धर्म पर प्रहार है। इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बात की है तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया है। गृह सचिव विवेक से बात करने पर उन्होंने एसपी सलमान ताज पाटिल को श्री तुवन मंदिर की घटना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, अभी तक कोई कार्रवाई न होने के कारण हम संतों को यहां आना पड़ा। महंत जी ने बताया कि शनिवार को वह जिलाधिकारी से बात कर तुवन मंदिर की व्यवस्था सुधारने के लिए कहेंगे और एसपी से असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी माने जाने वाले महंत सुरेश दास ने बताया कि वर्तमान सरकार मंदिरों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील है और तुष्टिकरण की राजनीति न करते हुए विकास की राजनीति कर रही है। राम मंदिर के निर्माण के संबंध में बताया कि हम लोग समझौते के लिए तैयार हैं लेकिन जमीन पर दावा किसी का स्वीकार नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने भी माना है कि वहां रामजन्मभूमि है और मुस्लिम भी वहां मस्जिद के लिए नहीं बल्कि जमीन के लिए लड़ रहे हैं। तुवन मंदिर के प्रकरण को सुलझाने के लिए मंदिर में अयोध्या से हनुमान गढ़ी महंत अखाड़े के अध्यक्ष धर्मदास जी महाराज, श्री रामजन्म भूमि मंदिर निर्माण न्यास श्री अयोध्या जी के अध्यक्ष और रसिक पीठाधीश्वर जनमेजय शरण सहित कई संतों का ललितपुर में आए हैं।