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वैदिक यज्ञों व शास्त्रों से संस्कृति का संरक्षण संभव

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वैदिक यज्ञों व शास्त्रों से संस्कृति का संरक्षण संभव
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ललितपुर। श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि आज संपूर्ण देश में वैदिक यज्ञों और शास्त्रों द्वारा संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता है। पुलिस लाइन स्थित मुक्तिधाम मंदिर में कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि हमारा समाज निरंतर पतन की ओर जा रहा है। इस वजह से पृथ्वी पर नाना प्रकार की व्याधियां जन्म ले रही हैं। यदि मानव में संस्कारों की फिर से स्थापना नहीं हुई तो आने वाला समय और भी बुरा होगा। आपदाओं का मुकाबला केवल नैतिक संस्कारों व ईश्वर की साधना से किया जा सकता है।
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उन्होंने परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाकर कर श्रद्धालुओं से अपने जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाने पर बल दिया। समापन अवसर पर पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग एवं सीओ सदर राजासिंह ने कथा का पूजन एवं आरती की। इस अवसर पर कौशल किशोर, प्रताप नारायण गोस्वामी, रूपनारायण निरंजन, सजन कुमार शर्मा, हृदयनारायण उपाध्याय, धर्मेंद्र रावत, प्रकाश नारायण पुरोहित, भरत दास पुरोहित, लखनलाल त्रिपाठी, जयशंकर प्रसाद द्विवेदी, अवध बिहारी कौशिक, आदित्य तिवारी, ब्रजेंद्र सिंह सेंगर, विशम्भर दयाल खरे, उमाकांत गुप्ता, नर्मदा प्रसाद वर्मा, परमानंद चौरसिया, नंदकिशोर कुशवाहा, रामदास सेन, अन्नपूर्णा शास्त्री, सीताराम गोस्वामी, राजाराम गोस्वामी, ब्रजकिशोर शास्त्री, लालदास नामदेव उपस्थित रहे।
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