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नकलविहीन परीक्षा कराना केन्द्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी-डीएम

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नकलविहीन परीक्षा कराना केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी: डीएम
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ललितपुर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षा को नकलविहीन कराने की जिम्मेवादी केंद्र व्यवस्थापक की होगी। परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। वहीं, डीएम ने जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट व स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी नियुक्त कर दिए हैं।
सात फरवरी 19 से यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षाएं प्रारंभ हो रही हैं, जो 02 मार्च 19 तक चलेगी। इन परीक्षाओं को नकल बनाने के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं। डीएम मानवेंद्र सिंह ने जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक ली। इसमें जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने जनपद ललितपुर में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों से अवगत करते हुए बताया कि वर्ष 2019 की परीक्षा में हाईस्कूल के संस्थागत 20,819 और व्यक्तिगत 971 कुल 21790 परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। वहीं, इंटरमीडिएट के संस्थागत 12156 और व्यक्तिगत 576 कुल 12732 परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। वर्ष 2019 की परीक्षाओं के आयोजन के लिए परीक्षा केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा किया गया। जिले में कुल 45 परीक्षा केंद्र बनायें हैं। परीक्षा केंद्र के निर्धारण में दो-दो सीसीटीवी वॉयर रिकार्डर युक्त, फर्नीचर, पेयजल, बाउंड्रीवाल, विद्युत व्यवस्था एवं शौचालय आदि व्यवस्थाओं का ध्यान रखा गया है। नौ परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। परीक्षा को नकलविहीन एवं सुचितापूर्ण कराने के लिए 05 जोनल मजिस्ट्रेट, 12 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं 45 स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। परीक्षा को नकलविहीन और शुचितापूर्णा कराने हेतु जनपद स्तर पर 05 सचल दलों का गठन किया गया है। परीक्षा केंद्र पर परीक्षा अवधि में प्रबंधक या प्रबंध समिति के सदस्यों को प्रवेश वर्जित रहेगा। परीक्षा अवधि में जिन अध्यापकों/कर्मचारियों के पास परिचय पत्र होेगा। एक कक्ष में अधिकतम 40 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे जबकि दो कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगायी जाएगी। कक्ष के अंदर किसी को भी मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रिॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नही होगी। प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में सीसीटीवी कैमरे बंद पाये गये तो प्रधानाचार्य एवं केंद्र व्यवस्थापक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कक्ष निरीक्षक में राजकीय/अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के अध्यापक/अध्यापिकाओं को लगाया जाएगा। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने केंद्र व्यवस्थापकों को आगाह करते हुए कहा कि शासन की मंशानुसार बोर्ड परीक्षा संपन्न कराना सभी का दायित्व है। परीक्षा केंद्र पर नकल जैसा प्रकरण संज्ञान में आया तो संबंधित केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, प्राचार्य डायट, बीएसए, समस्त केन्द्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केन्द्र व्यवस्थापक आदि उपस्थित रहे।
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ये हैं संवेदनशील केंद्र
जिले में नौ परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें इंटरमीडिएट कॉलेज बांसी, श्री शांति निकेतन इंटर कॉलेज महरौनी, डॉ. राममनोहर लोहिया कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बानपुर, महरानी लक्ष्मीबाई बालिका हाईस्कूल हंसारकलां, श्री रघुवीर सिंह नेताजी इंटर कॉलेज बार, महात्मा ज्योतिवाराव फुले इंटर कॉलेज सौरई, बाबूलाल सतभैया मेमोरियल सरस्वती मंदिर इंटर कॉलेज नाराहट, सरस्वती मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाराहट एवं सरस्वती मंदिर इण्टर कॉलेज नाराहट शामिल हैं।
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