राष्ट्रीय त्योहारों पर ही याद आते हैं महापुरुष
स्वतंत्रता दिवस नजदीक, न रंग रोगन, न साफ सफाई
महीनों से टूटी पड़ी वीर सावरकर प्रतिमा की रैलिंग नहीं लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर के मुख्य स्थानों पर जगह-जगह देश की आन-बान और शान के रूप में कई महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, लेकिन उनकी दुर्दशा काफी दयनीय है। नगर पालिका और जिला प्रशासन किसी भी राष्ट्रीय त्योहारों के एक या दो दिन पहले ही सुध लेता है और इसके बाद इन महापुरुषों को सभी भूल जाते हैं। यही हाल वर्तमान में शहर में महापुरुषों की प्रतिमाओं व स्मारकों की स्थिति काफी दयनीय है। यहां तक कि इन प्रतिमाओं व स्मारक के आसपास समय पर साफ-सफाई भी नहीं की जाती है, जिसके चलते यह महापुरुषों की दुर्दशा काफी चिंताजनक है।
जिला प्रशासन से लेकर शहर के सभी विभाग पंद्रह अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुटा हुआ है और तरह-तरह से योजनाएं बनाकर इस दिन को यादगार बनाना चाहते हैं। लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन में महती भूमिका निभाने वाले महापुरुषों को नगर पालिका सहित जिला प्रशासन ने भी अभी तक भी सुध नहीं ली है। सावरकर चौक स्थित वीर सावरकर की प्रतिमा स्थापित तो है, लेकिन इसके लिए यहां प्रतिमा की सफाई ही महीनों से की गई है। महीनों से टूटी पड़ी इस प्रतिमा के चारों ओर बनाई गई लोहे की रैलिंग तक नहीं लगाई जा सकी है। वहीं इस प्रतिमा के पीछे बनाया गया फुब्बारा भी जर्जर अवस्था में पड़ा है, जो अब मात्र शोपीस ही बना हुआ है। वहीं महावीर प्याऊ स्थित महापुरुषों की याद में बनाया गया कीर्ति स्मारक भी अवैध दुकानदारों के कब्जे की चपेट में दिन भर रहता है, दिन में तो स्थिति यह बनी रहती है कि यह स्मारक यहां व्यापारियों सामान रखने की जगह बन जाता है और रात्रि में इस स्मारक की बाउंड्री एक ओर से राहगीरों के लिए मूत्रालय बन जाता है। वहीं घंटाघर के आगे सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर भी सफाई व रंग रोगन नहीं किया गया है। सुपरमार्केट में स्थित महाराजा अग्रसेन पार्क और यहां स्थापित महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा भी गंदगी की चपेट में है। यहां पार्क में गाय के उपले और अन्य जानवरों की गंदगी पड़ी रहती है, जबकि प्रतिमा की भी कई दिनों से सफाई नहीं होने से उस पर धूल जमा हो गई है। अब जब आज से पांचवें दिन ही स्वतंत्रता दिवस है और इस दिवस को बड़े ही धूमधाम से मनाए जाने की तैयारियां हो रही है, ऐसे में इन महापुरुषों की प्रतिमाओं की उपेक्षा काफी चिंतनीय है।
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इनका कहना है-
सावरकर चौक पर वीरसावरकर की प्रतिमा के चारों ओर स्टील की रैलिंग व माल्यार्पण के लिए सीढ़ी बनाई जाएगी, जिसके लिए स्टीमेट बनाया गया है, शीघ्र ही काम कराया जाएगा। अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई व रंग रोगन का कार्य कराने के लिए निर्देश दे दिए हैं और यह कार्य एक दो दिन में पूरा हो जाएगा।
रजनी साहू, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद।