मध्यप्रदेश में बेचा रहा जिले का गेहूं
बिना खतौनी, खसरा के दर्जनों ट्रॉली व पिकअप गेहूं पहुंच रहा मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में अधिक रेट मिलने पर मंडी नहीं पहुंच रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जिले के किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य दिलाने के लिए शासन ने भले ही एक सैकड़ा गेहूं क्रय केंद्र खोल रखे हों, लेकिन बिना खसरा, खतौनी (खेती की जमीन के प्रपत्र) दिखाए बगैर ही हर रोज हजारों क्विंटल गेहूं व्यापारियों की मिलीभगत से निजी लाभ के लिए मध्यप्रदेश भेजा जा रहा है, ऐसे में मंडी शुल्क की चोरी होने के साथ ही दूसरे प्रदेश को इसका आर्थिक लाभ भी हो रहा है।
रबी की फसल के दौरान जिले में हर वर्ष लाखों क्विंटल गेहूं का उत्पादन होता है। इसका विक्रय गल्ला मंडी के अलावा जिले में खोली गईं अन्य गल्ला मंडियों में होता है। इसके अलावा किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा जनपद में इस बार सैकड़ों गेहूं क्रय केंद्र खोले। इसमें से वर्तमान में करीब 87 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद जारी हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के जिलों की मंडियों में ललितपुर की मंडियों से गेहूं अधिक रेट में बिकने और मध्य प्रदेश के किसानों के लिए लागू भावांतर योजना में गेहूं का रेट अधिक मिल रहा है। इसके चलते ललितपुर के कई किसानों के साथ ही कई व्यापारी भी इस परिस्थितियों का भरपूर लाभ उठा रहे हैं और मंडी शुल्क की चोरी करते हुए हर रोज दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली व पिकअप में भरकर गेहूं मध्य प्रदेश पहुंचाया जा रहा है। इसकी पुष्टि उस वक्त और भी पुष्ट हो गई, जब गत तीन दिन पहले मध्य प्रदेश के चंदेरी जा रही गेहूं से भरी पिकअप गाड़ी मंडी सचल दल ने पकड़ ली और इस गेहूं को छुड़ाने के लिए खूब सिफारिशें भी लगाई गईं। हालांकि, एक किसान द्वारा इस गेहूं के संबंध में खेती की खतौनी व खसरा प्रपत्र दिखाने पर उक्त गेहूं को गल्ला मंडी में ही बिकवाया गया था। यह ऐसा पहला मामला नहीं है जब इस प्रकार से चोरी छिपे गेहूं मध्य प्रदेश की मंडी में बेचने को ले जाया जा रहा हो। जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के टीकमगढ़, चंदेरी भेजा जा रहा है और मंडी समिति को जमकर चूना लगाया जा रहा है।
यदि किसान कहीं भी अपना गेहूं ट्रैक्टर और ट्रॉली या फिर पिकअप या अन्य वाहनों से गेहूं के परिवहन करते हैं तो उस समय गेहूं से संबंधित जमीन की खतौनी, खसरा, आधार कार्ड की प्रतियां साथ में लेकर चलें। यदि बिना प्रपत्रों के कोई भी गेहूं दूसरे राज्य में ले जाते पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई होगी और असिस्मेंट बनाया जाएगा।
पुष्पेंद्र कुुमार, मंडी सचिव।