उड़द खरीद केंद्र पर किसानों के साथ हो रहा छल
ललितपुर।
उड़द व मूंग की सरकारी खरीद को खोले गए पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर किसानों के साथ छल किया जा रहा है। किसान जहां पांच दिन से क्रय केंद्र पर तुलाई के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, क्रय केंद्र पर अधिकांश किसानों का सैंपल फेल कर दिया जा रहा है और व्यापारियों से उड़द की खरीद की जा रही है। रविवार को अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर क्रय केंद्र प्रभारी और उसके सहयोगी को मौके से व्यापारियों का अनाज खरीदते गिरफ्तार किया गया वहीं तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीसीएफ द्वारा जनपद में अमरपुर मंडी में एक क्रय केंद्र खोलकर नेफेड के माध्यम से 11 दिसंबर से उड़द व मूंग की सरकारी खरीद शुरू की गई है। किसानों से खरीद के लिए एक हेक्टेयर जमीन पर छह क्विंटल तक ही उड़द व मूंग की खरीद निर्धारित की गई है। किसानों से सरकारी रेट के अनुसार 5400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से उड़द की खरीद हो रही है। इसके तहत 15 दिसंबर तक पीसीएफ द्वारा 456 क्विंटल 11 किलो की खरीद 30 किसानों से ही की जा सकी है। जबकि क्रय केंद्र पर दर्जनों किसान उड़द लेकर क्रय केंद्र में पहले दिन से ही लाइनों में खड़े हैं। कुछ किसानों का यह भी कहना है कि उनकी फसल को मानक के आधार फेल कर दिया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार 12 प्रतिशत तक डैमेज दाने होने पर ही क्रय केंद्र खरीदी कर सकते हैं। इस वजह से यह समस्या आ रही है।
लेकिन, यहां क्रय केंद्र पर अनाज की तुलाई के लिए एक ही कांटा लगाया गया है, जिससे दिन भर में मात्र एक या दो ट्रॉली उड़द की ही तुलाई हो पा रही है। वहीं, तौल का कार्य भी अधिकांशत: दोपहर 12 से एक बजे के बीच ही शुरू होता है और शाम पांच बजे तक होने के बाद क्रय केंद्र बंद कर दिया जाता है। इसके कारण किसानों को अगले दिन का इंतजार करना होता है। वहीं, किसानों को खसरा व 61ख बनाने में भी परेशान होना पड़ रहा है, इससे यह समय से क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। अमरपुर मंडी में खोले गए क्रय केंद्र पर कई दिनों से तुलाई के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों से वार्ता करने पर उन्होंने समस्याएं बताई।
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पांच दिन से नहीं हो रही कोई सुनवाई
अमरपुर मंडी में क्रय केंद्र पर पांच दिनों से तुलाई का इंतजार करना पड़ रहा है। रात भर उड़द की रखवाली के लिए जाड़े में किसी प्रकार यहां रुकना पड़ता है। अधिकांश किसानों के सैंपल फेल हो जाने के बाद भी वह तुलाई की आस में बने रहते हैं।
ऊदल सिंह पटेल, ग्राम मसौरा खुर्द।
रजिस्ट्रेशन कराने में लिया जा रहा रुपये
क्रय केंद्र पर उड़द की तुलाई से पहले रजिस्ट्रेशन भी कराना जरूरी है और रजिस्ट्रेशन कराने में भी सौ रुपये तक लिया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पहले सहकारी बैंक के पास सिविल लाइन में जाना होता है। इसके बाद यहां से वापस लौटकर उड़द लेकर क्रय केंद्र पहुंचना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है।
प्रदीप, ग्राम पड़ौरिया।
खसरा, 61ख को लेखपाल कर रहे परेशान
सरकारी क्रय केंद्र पर उड़द की खरीद बिना खसरा और 61ख के नहीं हो सकती है। इसके लिए पहले तहसील से यह दस्तावेज बनवाने पड़ रहे हैं। लेकिन यहां भी लेखपालों द्वारा कई दिनों तक यह दस्तावेज बनवाने के लिए टाल दिया जा रहा है।
राजा साहब, दैलवारा।
तीन दिन से घुमा रहे कर्मचारी
तीन दिन से उड़द का ट्रैक्टर लेकर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस अब नंबर आने ही वाला है, कहकर टाला जा रहा है। व्यापारियों से तो आसानी से उड़द खरीदी जा रही है, लेकिन यहां पहले सैंपल की जांच कराई जा रही है बाद में लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ रहा है।
जगदीश, ग्राम तोर।
दो बार सैंपल कर दिया फेल
उड़द लाने पर पहले एक बार यहां दानों की जांच कराई गई, लेकिन पहली बार सैंपल फेल हो गया। इसके बाद दानों की छनाई भी कराई गई, इसके बाद भी सैंपल फेल कर दिया गया है और तुलाई से भी मना कर दिया है। कहते हैं कि 12 प्रतिशत डैमेज दाना ही लिया जा सकता है। जबकि जो उड़द लाए हैं, वह काफी अच्छी प्रतीत हो रही है। इसके बाद भी जबरन परेशान किया जा रहा है।
रविवार को ही क्रय केंद्र की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई और प्रभारी पर मुकदमा दर्ज करवाया गया है। रजिस्ट्रेशन नि:शुल्क है और यदि इस पर रुपये लिए जा रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी। किसानों के साथ धोखा नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, मानक में प्रशासन का कोई हस्तक्षेप नहीं है यह उनके अनुबंध के आधार पर है। यहां पर फसल अच्छी नहीं हो पाई है, इस कारण मानक पर खरी नहीं उतर पा रही है।
योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी