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कृषि विभाग की योजनाओं को गंभीरता से नहीं लेते किसान

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कृषि विभाग की योजनाओं को गंभीरता से नहीं लेते किसान
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ललितपुर। जिले में अधिकतर किसान कृषि विभाग की संचालित योजनाओं को गंभीरता से नहीं लेते हैं। ऐसा ही नजारा चंद्रशेखर उद्यान पार्क की खरीफ गोष्ठी का रहा। गोष्ठी से शामिल होकर लौट रहे तमाम किसान कृषि विभाग की योजनाओं को नहीं गिना सके।
किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें बागवानी, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, चकबंदी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान योजना, स्प्रिंकलर सेट योजना आदि शामिल हैं। इसके बाद भी तमाम किसान इन योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इसकी वजह किसानों में जागरुकता का अभाव है। इसके मद्देनजर कृषि विभाग ने आत्मा योजना अंतर्गत खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मृदा परीक्षण , खरपतवार नियत्रंण, बीज उपचार, वर्मी कम्पोस्ट, ट्राईकोडर्मा से बीजोपचार समेत अन्य योजनाओं की जानकारी दी गयी। जब गोष्ठी का समापन हुआ तो अधिकांश किसान इन योजनाओं के बारे में बता नहीं पाए। कई किसान तो कृषि विभाग की कार्यप्रणाली से खुश नहीं दिखे।
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गोष्ठी में कई जानकारी दी गईं। जैविक खेती के लिए प्रेरित किया गया। लेकिन, अधिकतर किसान बताई गई जानकारी पर अमल नहीं करते हैं।
- रामप्रसाद, ग्राम जामुनधाना
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गोष्ठी में कई चीजें बताई जाती हैं, लेकिन किसान अपने हिसाब से खेती करते हैं। अगर किसान कृषि विभाग के अनुसार काम करने लगे तो किसान खेती में पिछड़ जाएगा, इसलिए किसान योजनाओं पर ध्यान नहीं देता।
- बृजलाल, ग्राम बम्होरीबहादुर सिंह
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इन गोष्ठियों से कुछ किसान तो लाभ उठा लेते हैं, उनकी संख्या गिनती में होती है। तमाम किसानों को बीमा को लाभ मिल जात तो कुछ को कृषि यंत्र मिल जाता है। बाकी किसानों को कोई लाभ नहीं मिलता।
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घनश्यामदास सेन, ग्राम बम्होरीबहादुर सिंह
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गोष्ठी में अधिकारियों ने अच्छी जानकारी दी। लेकिन, इसका कोई लाभ मिलेगा, यह तो भविष्य बताएगा। अभी कुछ नहीं कह सकते।
- लक्ष्मन सिंह, ग्राम तालगांव
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किसान को अधिकांश योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। गोष्ठी में अधिकारी अच्छी-अच्छी बातें करते हैं, लेकिन जब कार्यालय में पहुंचते हैं तो अधिकारी व कर्मचारी ढंग से बात नहीं करते हैं। इन कारणों से किसान कृषि विभाग कम ही जाते हैं।
- रामदास, ग्राम जिजयावन
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