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रोडवेज के आगे बेधड़क चल रहीं टैक्सी

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बस पर भारी टैक्सी की सवारी
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पाली। बालाबेहट से पाली होकर ललितपुर आने जाने वाली आधा दर्जन से ज्यादा बसें सरेंडर हैं। एक रोडवेज बस समेत केवल पांच बसें ही सड़कों पर चलकर लोगों को सफर करा रही हैं। बाकी यात्रियों का सफर डग्गामार वाहनों व टैक्सियों के मनमाने संचालन से पूरा हो रहा है। इसका खामियाजा परिवहन विभाग को राजस्व क्षति के रूप और यात्रियों को अपनी जेब ढीली कर चुकाना पड़ रहा है।
लगभग तीन साल पहले तक ललितपुर मुख्यालय से पाली होकर बालाबेहट तक एक दर्जन से ज्यादा बसें संचालित होती थीं। सुबह सात बजे से लेकर शाम पांच बजे तक पाली बस स्टैंड से आने-जाने के लिए बसें थी। लेकिन, इसी बीच सड़कों पर टैक्सियों ने अपनी जगह बना ली। बस मालिक इन टैक्सियों के विरुद्ध लामबंद भी हुए, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। टैक्सी संचालक बसों के नंबर के आगे सवारियां भर कर ले जाते हैं। आलम यह हुआ कि बसों के व्यापार में घाटे का सौदा देख बस मालिकों ने बसों को सरेंडर कर दिया।
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अब केवल चार- पांच बसें ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। हालात यह हैं कि लोगों को सफर करने के लिए टैक्सियों में जोखिम भरा सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। पाली से जो टैक्सियां संचालित हो रही हैं, वह ललितपुर बस स्टैंड न जाकर मवेशी बाजार नदी के उस पार तक ही जाती हैं, जिससे लोगों को बसस्टैंड तक जाने के लिए अलग से जेब खर्च करनी पड़ती है। टैक्सियों का इस तरह संचालन बना रहा तो वर्तमान में चल रही बसें भी सरेंडर हो सकती हैं, जबकि विभाग को टैक्सियों से ज्यादा बसों के संचालन से अधिक राजस्व प्राप्त होता है। जनहित में लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग ललितपुर से बालाबेहट मार्ग पर पांच बसों का संचालन बढ़ाए, जिससे लोगों को आने-जाने में आसानी हो सके। इसका लाभ तहसील मुख्यालय पाली से जुड़े किसानों को भी मिलेगा, जिनका अपने क्षेत्र से आए दिन तहसील पाली में आना-जाना बना रहता है।
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