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शहजाद नदी के पाकेट खाली कर रहे मछली ठेकेदार

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शहजाद नदी की ‘कोख’ खाली कर रहे कारोबारी
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ललितपुर। एक ओर जिले में नदियों को पुनर्जीवन देने के प्रयास हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के बीच से निकली शहजाद नदी अनदेखी का शिकार है। अब तो कुछ लोगों ने स्वार्थपूर्ति के लिए इसे खाली करना आरंभ कर दिया है। इससे आसपास घूम रहे आवारा जानवरों के लिए पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है। नदी के आसपास कॉलोनी में लगे कई हैंडपंपों का पानी भी नीचे की ओर सरकने लगा है। यह काम मछली कारोबारी कर रहे हैं।
जिले में कई नदी, तालाब, बांध व पोखर हैं। इन दिनों भीषण गर्मी के चलते कई तालाब, पोखर, कूप सूख गए हैं। इससे गोविंद सागर बांध से निकली शहजाद नदी भी अछूती नहीं है। शहजाद नदी का पानी पॉकेट (छोटे- छोटे स्थानों) में दिखाई देने लगा है। इससे जानवरों के लिए पीने के पानी की समस्या हो गई है। पिछली गर्मियों में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने जल पुरुष राजेंद्र सिंह से प्रेरित होकर ग्राम मदनपुर के पास से निकली ओडी नदी को पुनर्जीवन दिलाया था। मौजूदा समय में मड़ावरा क्षेत्र की रोहणी नदी का गहरीकरण मनरेगा से कराया जा रहा है। वहीं, शहर के बीच से निकली शहजाद नदी की निरंतर अनदेखी की जा रही है।
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गोविंद नगर मोहल्ले के पास से निकली नदी में कुछ स्वार्थी तत्व जाल डालकर मछलियां निकाल रहे हैं। इस कार्य को आसान बनाने के लिए उन्होंने पॉकेट में भरे पानी को पंप सेट से निकालना आरंभ कर दिया है। कई पॉकेट पूरी तरह खाली भी हो गए हैं। सिंचाई विभाग के अफसर इससे अंजान बने हुए हैं, जिससे स्वार्थी तत्व बेखौफ होकर अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं। मोहल्ला गोविंद नगर के लोगों का कहना है कि यदि एक के बाद एक नदी के पॉकेट खाली होते गए तो भूगर्भ जल स्तर तेजी से नीचे चला जाएगा। इसका सीधा असर हैंडपंप एवं निजी बोर पर पड़ेगा। इस तरह आने वाले दिनों में पेयजल का संकट कम होने की जगह बढ़ जाएगा। मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी के कई हैंडपंपों से पानी निकलना कम हो गया है। क्षेत्र में इन लोगों का प्रभाव होने के कारण कोई मुंह भी नहीं खोल रहा है।

मछली का आखेट अवैध तरीके से किया जाना गलत है। इस मामले में मत्स्य विभाग की मिलीभगत प्रतीत होती है। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारी भी उदासीन हैं। जो लोग नदी को खाली करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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- हरीश कपूर टीटू, प्रमुख, बुंदेलखंड विकास सेना

शहजाद नदी का पानी निकालने का मामला संज्ञान में आया है। इसका निरीक्षण कराया गया है। सींचपाल की रिपोर्ट मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- विकासदीप भारती, अवर अभियंता, राजघाट निर्माण खंड

शहजाद नदी को स्वच्छ बनाने के लिए नगर पालिका प्रयास कर रही है। इसमें नालियों का सॉलिड वेस्ट नहीं जाए, इसके लिए शीघ्र ही कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। यदि नदी का पानी बाहर निकाला जा रहा है तो यह गंभीर बात है। वह स्वयं मौके पहुंचकर वास्तविक स्थिति का पता लगाएंगे।
- डॉ. संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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