ललितपुर। शहर में दिनों दिन पेयजल संकट गहराता जा रहा है। नगर के कई वार्ड व मोहल्लों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण टैंकर पहुंचते ही पानी के लिए भीड़ लग जाती है। इसमे कई लोग बिना पानी के ही रह जाते हैं। इससे नगर वासियों व विभिन्न संगठनों में रोष पनपन रहा है। शहर कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
जैसे- जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे- वैसे पेयजल की समस्या बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर पाइप लाइनों से लीकेज हो रहा है। पाइप लाइन अधिक पुरानी होने के कारण कई जगह क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे पानी की आपूर्ति कम हो जाती है। हालत यह हो जाती है कि लोगों को उपयोग के लिए पानी तो दूर पीने के लिए भी पानी नहीं मिल पाता है। ऐसे में लोग बर्तन लेकर टैंकरों के आने का इंतजार करते हैं। टैंकर आने पर पानी भरने वालों की कतारें लग जाती है। कई बार तो पानी समाप्त होने पर लोग खाली बर्तन लेकर मायूस होकर लौट जाते हैं।
पेयजल की समस्या को लेकर कई संगठन सामने आने लगे हैं। मंगलवार को नगर कांग्रेस कमेटी ने पेयजल की समस्या के निराकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में बताया कि बुंदेलखंड का यह सबसे पिछड़ा जिला है। अधिकांश सरकारी घोषणाएं धरातल पर नहीं उतरतीं है। प्रत्येक वर्ष शहरवासियों को पेयजल का संकट से जूझना पड़ता है। शासन पेयजल की समस्या के निदान के लिए पूर्व से तैयारियां करता है, लेकिन गर्मी का मौसम आते ही पेयजल व्यवस्था चौपट हो जाती है। इसके लिए अधिकरी ही दोषी हैं। शहर में लगातार ही जनसंख्या का विस्तार हो रहा है। लेकिन, पेयजल सप्लाई की व्यवस्था अब भी जस की तस है। जल संस्थान की टंकियों में मोटी-मोटी सिल्ट जमा हो गए है। 12 टैंकर खराब पड़े हैं। गलियों में छोटे टेंकरों से पानी पहुंचाए जाने की बात जुमला साबित हो रही है।
गोविंदसागर बांध को बने लगे 65 वर्ष बीतने के बाद भी सिल्ट सफाई नहीं की गई है। जिले में अधिक बांध होने के बाद भी पेयजल का संकट है। उन्होंने चेतावनी दी है कि दो दिन में पानी की आपूर्ति सुचारु रुप से न होने पर नगर कांगेस कमेटी उग्र आंदोलन छेड़ेेगी। ज्ञापन पर नगर अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा, आशिफ, अरविंद तिवारी, समद खां, शिवम, आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
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व्यपारियों ने ज्ञापन दिया
नगर उद्योग व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शहर में हो रही पेयजल समस्या का निदान करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि नगर में बीते तीन दशक पूर्व पाइप लाइन बिछाई गई थी। जब नगर की कुल आबादी भी 30 हजार थी, जो बढ़ कर अब एक लाख से अधिक हो गई है। साथ ही बताया कि अब पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। कई स्थानों पर लीकेज हो गए हैं। वाटर वर्क्स में पानी के स्टोर वाले जलाशय में भारी सिल्ट जम गई है, जिससे बीमारियां फैल सकतीं है। उन्होंने शीघ्र ही सिल्ट सफाई कराए जाने व कार्य योजना तैयार कर नई पाइप लाइन बिछाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजने की मांग की। ज्ञापन पर शानू बाबा, अवध बिहारी, जयनारायन शर्मा, नरेंद्र कडंकी, संजय रसिया, उत्तम चौहान आदि के हस्ताक्षर हैं।