जान जोखिम में डाल कर रहे ‘मौत’ का सफर
ललितपुर। निजी बस संचालकों की पैसे कमाने की भूख कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। वह बस में निर्धारित संख्या से तीन गुनी सवारियों की जान से खिलवाड़ कर यात्रा करा रहे हैं और बसों में अंदर से अधिक सवारियों को छत पर बैठा रहे हैं तो कुछ को जाल पर लटका कर यात्रा करा रहे हैं, जिससे किसी दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस ओर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
परिवहन विभाग द्वारा निजी बसों को परमिट जारी किया जाता है, जिसमें बस के चलने का समय, गंतव्य तक पहुंचने का समय, बस का मार्ग, सवारियों की संख्या और लगेज के लिए मानक तय किए गए हैं। इसमें बस में सवारियों की संख्या 52 तय की गई है। बस में इतनी सवारियां बिठाने का ही रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इससे अधिक बैठाने पर विभागीय अधिकारियों व सचल दल द्वारा अभियान चलाकर जांच की जाती है। जांच में सवारियां अधिक पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन, निजी बस संचालकों की अधिक पैसे कमाने के चक्कर में विभागीय नियमों केे ताक पर रखकर बसों को मार्ग पर दौड़ा रहे हैं।
हालत यह है कि अधिकांश निजी बसें मानक के अनुसार सवारियां नहीं बिठा रही हैं। 52 सवारियों की जगह दोगुनी सवारियों को बैठाया जा रहा है। इन सवारियों को बस की गैलरी में खड़ा कर दिया जाता है। इसके साथ ही कम से कम एक दर्जन सवारियों को गेटों पर लटका दिया जाता है। इतना ही नहीं तय मानक से अधिक सवारियों को बस की छत पर बैठाया जाता है। हद तो तब हो गई जब बस की छत पर जाने के लिए लगी जालियों पर भी सवारियां लटकतीं रहती हैं।
अधिकांश बसें संपर्क मार्गों पर दौड़ती हैं। इन मार्गों पर सड़क के किनारे पेड़ लगे हैं, जिनमें सवारियों के टकराने का भय बना रहता है। इसके साथ ही कहीं तारों की चपेट में आकर करंट लगने की संभावनाएं बनी रहतीं हैं। इनमें बस के अंदर बैठे बच्चों को सांस लेने में भी परेशानी आती है। वहीं, गेट पर लटकती सवारियां भी गिर सकतीं है। इसके बावजूद इन पर लगाम नहीं लगाई जा रही है। इसका खामियाजा सवारियों को चुटहिल होकर व दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ता है।
इस मार्ग पर निजी बसें उड़ा रहीं नियमों की धज्जियां
जिला मुख्यालय से महरौनी की ओर जाने वाली अधिकांश बसों में छत पर सवारियों को बैठाया जा रहा है। मदनपुर जाने वाली बसों की भी यही स्थिति है। झांसी से ललितपुर आने जाने वाली बसों में सवारियां छत व गेट पर लटकर कर यात्रा कर रहीं हैं। ललितपुर से बानपुर-टीकमगढ़ मार्ग पर भी यात्री बस के ऊपर बैठकर सफर करने को मजबूर है। यही हाल जखौरा मार्ग का है।
मौसम का भी नहीं है ख्याल
वर्तमान में सुबह नौ बजे से ही गर्मी का कहर बरसना शुरु हो जाता है। ऐसे में बीमारियों से बचाव के लिए चिकित्सक कई प्रकार की सलाह दे रहे हैं। जिसमें धूप में निकलने पर शरीर को ढंकने व अधिक पानी पीने के साथ ही गर्म हवाओं से बचाव करने के लिए जागरुक कर रहे हैं। इसके बाद भी सवारियां बस की छत पर यात्रा कर रहीं हैं।
विभाग निभा रहा औपचारिकता
परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की जांच के लिए सचल दल बनाया गया है। जो सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों की जांच कर, अवैध पाए जाने पर कार्रवाई करता है। लेकिन, विभागीय अधिकारी औपचारिकताएं निभा रहे हैं। इस कारण नियम विरुद्ध चल रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
निजी बसो में सवारियों को मानक से अधिक बैठाने का मामला सामने आया है। जल्द ही उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी