तेरई से पारौन मार्ग सुधारा जाए
तालबेहट। विकासखंड बार अंतर्गत ग्राम तेरई फाटक से ग्राम पारौन को जोड़ने वाली सड़क कई वर्षों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। इस समय सड़क की स्थिति इतनी भयावह है कि उसके ऊपर चलना बहुत कठिन है। क्षेत्र के लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने की ओर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया, परंतु हर बार जनता को केवल आश्वासन मिला। इससे जनता में नाराजगी है। अब ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है।
झांसी राजमार्ग पर ग्राम तेरई से लेकर ग्राम पारौन तक ग्रामीणों को आवागमन की अच्छी और कम समय में सुगम यात्रा कराने के लिए लगभग 20 वर्ष पहले सड़क का निर्माण कराया गया था। निर्माण होने के बाद से सड़क की देखरेख पर किसी विभाग ने ध्यान नहीं दिया। धीरे- धीरे सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। इससे ग्राम सेरवासकलां, रामपुर, बरौदाड़ाग, बरीखुर्द, कड़ेसराबांसी, कड़ेसरी, पारौन, हसंगुवा, बड़ाहार, रजपुरा आदि गांवों के लोगों का आना-जाना रहता है। लेकिन, उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को अवगत कराया, परंतु किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। कुछ दिनों बाद जब इस सड़क की मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग, पीडब्लूडी और जिला पंचायत से कहा गया तो सभी ने एक-दूसरे की सड़क बता कर अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेर लिया। इस कारण आज तक सड़क की मरम्मत पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
इस समय सड़क पर काफी गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिन पर पैदल चलना मुसीबत भरा हो रहा है। बरसात में तो स्थिति और भी भयानक हो जाती है। तब जनता को सबसे अधिक परेशानी उस समय उठानी पड़ती है, जब मरीज को लेकर तालबेहट या जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। लोगों ने इस सड़क की मरम्मत की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है। इस संबंध में क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह, ग्राम प्रधान सेरवासंकला शैलेंद्र सिंह, प्रधान रामपुर दयाराम कुशवाहा, प्रधान पारोन रामगोपाल झॉ, जिला पंचायत सदस्य मानसिंह यादव आदि ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सड़क निर्माण की गुहार लगाई है।