शेड का निर्माण तय समयावधि में पूर्ण कराएं:डीएम
ललितपुर। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने अस्थाई गौवंश आश्रय स्थलों की जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक में सभी शेड का निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश बीडीओ को दिए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में बताया गया कि मनरेगा के अंतर्गत सभी गौवंश आश्रय स्थलों पर दो-दो शेड का निर्माण हो रहा है। ब्लाक जखौरा अंतर्गत ग्राम कारीपहाड़ी में जमीन पर कार्य करने के लिए नक्शा भी तैयार कर लिया गया है। जिलाधिकरी ने सभी खंड विकास अधिकारियोें को निर्देश दिए कि यह कार्य समय सीमा के भीतर पूर्ण करा लिया जाए। गौवंश आश्रय स्थलों के समीप स्थित 15 किलोमीटर की परिधि में उपलब्ध जमीनों के बारे में उपजिलाधिकारियों ने बताया कि महरौनी के 06 ग्रामों में 72.966 हेक्टेयर तथा मड़ावरा के 21 ग्रामों में 38.212 हैक्टेयर भूमि उपलब्ध करा दी गयी है। उपजिलाधिकारी पाली ने 10 ग्रामों में 137.843 हेक्टेयर एवं उपजिलाधिकारी सदर द्वारा 07 ग्रामों में 58 हेक्टेयर भूमि की उपलब्धता बतायी। उपजिलाधिकारी तालबेहट ने 33 ग्रामों में 59.262 हैक्टेयर भूमि की उपलब्धता बतायी। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों से कहा कि इन ग्रामों में उपलब्ध जमीनों के लिए सुरक्षा खाई मनरेगा से खुदवाना प्रारंभ करें, जिससे वर्षा के समय इनमें गौवंश के लिए हरे चारे का उत्पादन किया जा सके।
भूसा बैंकों की प्रगति की समीक्षा के दौरान उपजिलाधिकरियों ने बताया कि यह कार्य निरंतर जारी है तथा इस कार्य में अधिकांश ग्राम प्रधानों द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान मड़ावरा व सतरवांस द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि वह पंचायत सचिवों के माध्यम से एकत्रित भूसा को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य करें। नस्ल सुधार हेतु सांड़ों की व्यवस्था के बारे में मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने बताया कि कान्हा गौवंश आश्रय स्थल तालबेहट तथा दैलवारा में 02-02 थारपारकर सांड़ उपलब्ध करा दिए गए हैं। डीएम ने अधिशाषी अधिकारी तालबेहट एवं ललितपुर से इन सांड़ों की उचित तरीके से देखभाल करने को कहा।