नेहरू नगर पेयजल योजना के लिए खुला टेंडर
ललितपुर। शहर के नेहरू नगर क्षेत्र के निवासियों के लिए अच्छी खबर है। अटल मिशन फार रिजूवेशन एंड अरबन ट्रांसफारमेशन योजना के अंतर्गत ललितपुर पेयजल पुनर्गठन योजना का पहला टेंडर (टेक्निकल बिड) खुल गया है। इसमें तीन ठेकेदार ने टेंडर डाला है। अब शासन से स्वीकृति मिलने के बाद दूसरा टेंडर (फाइनेंसियल बिड) डाला जाएगा और इसके बाद काम शुरू होगा।
शहरवासियों को जलापूर्ति के लिए जल संस्थान ने पूरे क्षेत्र को अपर और लोअर जोन में बांटा है। अपर जोन में मोहल्ला नेहरू नगर, चांदमारी और सदन शाह क्षेत्र शामिल हैं। इस क्षेत्र में भूजल की कमी होने से यहां बोरिंग अक्सर फेल हो जाती हैं, जिससे पानी का संकट रहता है। गर्मी के सीजन में तो दिक्कत और बढ़ जाती है, क्योंकि हैंडपंप सूख जाते हैं। ऐसे में गर्मियों में यहां के लिए पानी का एक मात्र सहारा टैंकर होते हैं। समस्या के समाधान के लिए जल निगम ने ललितपुर पेयजल पुनर्गठन योजना तैयार की है। इसके लिए 12 एमएलडी (पांच क्यूसेक) पानी गोविंद सयागर बांध से लेने का प्रस्ताव तैयार किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना का शिलान्यास कर दिया। योजना की लागत राशि 39.71 करोड़ रुपये रखी गई लेकिन अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने में हुई देरी की वजह से लागत बढ़कर लगभग 52 करोड़ रुपये हो गई है। पाइप लाइन शुरू होने से पचास हजार आबादी को पानी की सुविधा मिलने लगेगी।
लोकसभा चुनाव से पहले सिंचाई विभाग ने गोविंद सागर से योजना को पानी देने से मना कर दिया था, लेकिन तत्कालीन सांसद और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अनशन पर बैठने की चेतावनी दी तो आननफानन में शासन ने मौखिक स्वीकृति दे दी थी। चुनाव के बाद अब इसके लिए औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। सिंचाई विभाग ने पानी की कमी को देखते हुए 41 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा कि नहर की लाइनिंग (दोनों ओर पक्का) करा दिया जाए तो इससे पानी की बचत होगी और नेहरू नगर को पर्याप्त जलापूर्ति की जा सकेगी।
शासन में 28 मई को हुई बैठक में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने गोविंद सागर बांध से नेहरू नगर को पानी देने की स्वीकृति दे दी और सिंचाई विभाग को ही नहर की लाइनिंग कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे जल निगम को अब 41 करोड़ रुपये नहर की लाइनिंग पर खर्च नहीं करना पड़ेगा।
नेहरू नगर पेयजल योजना का एक टेंडर खुल गया है। अब इसकी स्वीकृति मिलने के बाद दूसरा टेंडर डाला जाएगा। काम बहुत तेजी से चल रहा है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
प्रवीण कुट्टी, परियोजना प्रबंधक, निर्माण इकाई जलनिगम