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बाजार का रेट बढ़ते ही किसानों ने केंद्रों का मुंह मोड़ा

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बाजार में गेहूं के दाम बढ़े, खरीद केंद्रों पर सन्नाटा
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ललितपुर। खुले बाजार में गेहूं के दाम बढ़ने से किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों से मुंह मोड़ लिया है। वर्तमान में केंद्रों पर 500 से 600 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो रही है। जिस वजह से लक्ष्य दूर होता दिखाई देने लगा है। अब तक खरीद केंद्रों पर 60 फीसदी गेहूं की खरीद हो पाई है।
सरकार ने गेहूं का जो समर्थन मूल्य तय किया है, उसके आसपास ही गेहूं खुले बाजार में बिक रहा है। इससे गेहूं खरदी केंद्रों पर किसानों की भीड़ कम हो गई है। अब खरीद केंद्रों पर गिने-चुने किसान ही अपना गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। इसकी वजह साफ है, खुले बाजार में किसानों को भुगतान व तौलाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ता है। वहीं, गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों को प्रभारियों की मनमानी झेलनी पड़ती है। नियम है कि 72 घंटे में भुगतान हो चाहिए, लेकिन ऐसा कम ही होता है कि किसानों को समय से अनाज का भुगतान मिल जाए। गेहूं का सरकारी समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि बाजार में 1850 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है।
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तमाम किसानों को भुगतान पाने के लिए एक सप्ताह तक का इंतजार करना पड़ता है। इन सब झंझटों से छुटकारा पाने के लिए किसान गेहूं खरीद केंद्रों की जगह खुले बाजार में गेहूं बेचना पसंद कर रहे हैं। जिले में अब तक साठ प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो चुकी है। पंद्रह जून तक गेहूं की खरीद की जानी है, ऐसे में लक्ष्य दूर होता दिखाई दे रहा है।
सहायक निबंधक सहकारी समितियां रमेश कुमार गुप्ता के अनुसार पीसीएफ ने 28669.900 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद 5971 किसानों से की है। इसका भुगतान 5332 लाख रुपये बनता है, इसमें से 4272 लाख रुपये का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। खरीद केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं में से 18256.300 मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण गोदामों में किया जा चुका है। अवशेष गेहूं को ट्रकों के माध्यम से गोदाम में पहुंचाया जा रहा है।
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केंद्रों पर कम खरीद से होने से अधिकारियों में चिंता
क्रय केंद्रों पर खरीद कम होने से अधिकारियों में चिंता देखी जा रही है। पिछले दिनों उच्च अधिकारियों की वीडियोक्रांफ्रेंसिंग में इस बात पर गहन चर्चा हुई। पूरे प्रदेश में यही स्थिति उभरकर आ रही है। बताया गया कि वर्ष 2012 में खरीद के दौरान खुले बाजार में गेहूं के दाम बढ़ गए थे, तब भी गेहूं की खरीद पर असर पड़ा था।
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गल्ला मंडी में गेहूं का रेट बढ़ गया है। इससे कम ही किसान केंद्रों पर गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। इस समय केंद्रों पर पांच सौ से छह सौ मीट्रिक गेहूं की खरीद हो रही है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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