अदालतों व सरकारी कार्यालयों में हो हिंदी का व्यापक उपयोग
ललितपुर। हिंदी दिवस के मौके पर जिला बार भवन में गत रोज शुक्रवार को शाम साढ़े चार बजे एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें अदालतों एवं सभी सरकारी कार्यालयों में हिंदी के व्यापक उपयोग किए जाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला बार भवन में शुक्रवार को आयोजित हिंदी दिवस पर गोष्ठी का शुभारंभ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार शुक्ला, एडीजे परिवार न्यायालय मनोज अग्रवाल, एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अजयपाल सिंह की उपस्थित में मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस दौरान यहां सरस्वती वंदना की गई और फिर हिंदी के व्यापक उपयोग को अदालतों में और सभी सरकारी कार्यालयों में करने के बारे में चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी को विश्व में तीसरी अधिक भाषा का उपयोग करने वाले लगभग 70 करोड़ व्यक्ति करते हैं।
विश्व में सबसे अधिक अंग्रेजी भाषा बोली जाती है और चीनी भाषा का दूूसरा स्थान है। हिंदी भाषा को विश्व में प्रथम स्थान पर लाने के लिए हम सभी हिंदी दिवस का आयोजन प्रतिवर्ष की तरह करते आ रहे हैं। 14 सितंबर 1949 को संवैधानिक रुप से हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया व संविधान के अनुच्छेद 343 में यह प्रावधान किया गया कि देवनागरी लिपि के साथ हिंदी भारत की राजभाषा होगी। उक्त कार्यक्रम में अधिवक्तागण नेमी कुुमार जैन, केएल मालवीय, राजेश देवलिया, राजेश दुबे, रामकृष्ण कुशवाहा, विजय कुमार, रमेश कुशवाहा, वेदप्रकाश राय, सुनील देवलिया, जमील अहमद, प्रकाश घोष, राकेश रजक, हिमांशु हुंडैत आदि उपस्थित रहे। संचालन अध्यक्ष काशीराम कुशवाहा एवं महामंत्री शंभूदयाल शर्मा ने संयुक्त रुप से किया।