फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर में जगह-जगह फैला हाइटेंशन मौत का खुला जाल

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में फैला हाइटेंशन मौत का जाल
विज्ञापन

- खुले में रखे ट्रांसफार्मर के इर्द गिर्द हो रहा व्यापार
- दुकानों व मकानों से सटकर लगे हैं बिजली के खंभे
- कभी भी हो सकता बड़ा हादसा, विभाग बेपरवाह
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में कई जगहों पर बिना जाली के जर्जर हाइटेंशन तारों का जाल फैला हुआ है। साथ ही खुले में रखे ट्रांसफार्मर, घरों व दुकानों से सटे बिजली के खंभे खुलेआम मौत को दावत दे रहे है। कई जगहों पर तो ट्रांसफार्मर से सटी दुकानें लगी है। ऐसे में बरसात के समय में कभी भी फाल्ट होने व करंट फैलने से बड़ा हादसा बना रहता है। वहीं, विभाग की लापरवाही लोगों की जान पर बन सकती है।
विद्युत विभाग द्वारा शहर में घरों, प्रतिष्ठानों आदि को रोशन करने के लिए जगह-जगह हाइटेंशन लाइन के तारों का जाल बिछाया गया है। वहीं सौ केवी, 250 केवी और 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर भी गलियों व मुख्य सड़कों के किनारे रखे गए है, लेकिन बिजली विभाग द्वारा इन ट्रांसफार्मरों से आम जन और पशुओं, जानवरों आदि की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिसके चलते इन ट्रांसफार्मरों के आसपास फैली केबलों के कारण करंट का खतरा हमेशा बना रहता है। इन ट्रांसफार्मरों के इर्द गिर्द या ट्रांसफार्मरों के प्लेटफार्म से सटकर कई लोग व्यापारिक प्रतिष्ठान खोलकर व्यापार कर रहे हैं। घंटाघर स्थित प्रधान डाकघर के पास रखे दो ट्रांसफार्मर के पास कई लोग ठेला लगाकर व्यापार करते हैं। कई बार उन्हें ट्रांसफार्मर से सटाकर सामान रखे जाते देखा गया है। जबकि यहां आए दिन ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट होता रहता है और चिंगारियां निकलती रहती हैं। वहीं, घंटाघर से सावरकर चौक के बीच महावीर प्याऊ के पास लगा चार सौ केवी का ट्रांसफार्मर स्थापित है, जिससे सटकर ही चाट मसाले का ठेला लगता है और आसपास अन्य कारोबार होता है। उधर अटामंदिर के सामने ही स्थापित ट्रांसफार्मर से सटकर सब्जी की दुकानें लगती हैं। यहां तक कि इन दुकानों में छाया के लिए पॉलिथीन या अन्य सामान भी इस ट्रांसफार्मर तार आदि से बांधे जाते हैं। इसी प्रकार सदर कांटे रोड पर सरदार पटेल की प्रतिमा के पास एक बिजली के खंभे से विद्युत केबलें लटक रही हैं। इन तारों के पास ही कुछ लोग व्यापार करते हैं और यहां लोगों की भीड़ भी ऑटों आदि के लिए रहती है। ऐसे में यदि यहां करंट या फाल्ट हो जाए तो कभी भी जनहानि हो सकती है। ऐसे ही नझाई बाजार गेट से स्टेशन की ओर भाजपा के नगर कार्यालय के छत के नीचे एक दुकान के लिए निकाली गई चद्दर के बीच से ही एक बिजली का खंभा निकला हुआ है। यही हाल वर्णी चौराहा पर पशु चिकित्सालय के पास एक दुकान से सटकर बिजली का खंभा लगा हुआ है। जिसमें करंट की संभावना बनी रहती है। पूरे शहर में और ऐसे कई जगह हैं, जहां हर समय लोगों के ऊपर मौत का करंट दौड़ता रहता है। साथ ही कई ऐसे स्थान हैं जहां लोगों की छत से सटकर ही मौत के रूप में हाइटेंशन लाइनें निकली हुई हैं। ऐसे में विद्युत विभाग द्वारा इन जर्जर तारों को दुरुस्त करने साथ ही ट्रांसफार्मर पर जाली नहीं लगाने से कभी बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन


दो लोग गवां चुके जान
पिछले दिनों तालाबपुरा में छत से सटकर निकली हाइटेंशन लाइन छू लेने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जबकि करीब ढाई वर्ष पहले आजादपुरा में हाइटेंशन लाइन गिरने से चाट के ठेले पर खड़े एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद भी शहर में जर्जर व मौत को दावत दे रहीं अव्यवस्थाओं में कोई खास सुधार नहीं हो सका है।

विद्युत विभाग द्वारा बिछाए तारों के जाल से लोगों की सुरक्षा के लिए ट्रांसफार्मर की बेरीकेटिंग करना चाहिए। जहां भी खुले तार पड़े हैं या खंभों में करंट की संभावना हैं, वहां प्राथमिकता के साथ बिजली विभाग को ध्यान देना चाहिए। मकानों से सटे खंभों पर सुरक्षा को लेकर जरूरी इंतजाम करने चाहिए।
अजय तोमर, नागरिक।
-
शहर में जगह-जगह बिजली विभाग की अव्यवस्थाओं के कारण लोगों को हर समय खतरा बना रहता है। इसके लिए विभाग को डैंजर जोन वाले स्थान चिह्नित कर सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए जाने चाहिए। सड़क किनारे रखे ट्रांसफार्मर के पास पक्की बाउंड्री बाल बनाकर सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। ताकि ट्रांसफार्मर तक लोग या पशु आदि नहीं पहुंच सकें।
प्रतीश तिवारी, अधिवक्ता।

घरों की छतों के काफी पास से निकलें खुले तारों से हर समय खतरा बना रहता है। बारिश के दिनों में करंट का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए बिजली विभाग को सुरक्षा के साथ बंच केबल या फिर अंडरग्राउंड केबल बिछाई जानी चाहिए। महावीर प्याऊ के पास ट्रांसफार्मर अक्सर खराब होता है और कई बार इससे चिंगारियां भी निकलते देखी गई हैं। इसके खतरा जाता है।
विज्ञापन

अनुज हुंडैत


खुले में रखे ट्रांसफार्मर या फिर करंट से खतरे वाले खंभों का सर्वे कराया जाएगा और इससे सुरक्षा के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। यदि कहीं घरों की छतों के पास से खुले तार निकले हैं तो उसका भी सर्वे कराकर हटाया जाएगा और वहां बंच केबल बिछाई जाएगी।
शैलेंद्र कटियार, अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें