चौबीस घंटे में महरौनी में सर्वाधिक तो तालबेहट में हुई कम बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। पिछले कई दिनों से जिले में रुक रुककर हो रही बारिश से बांधों के जलस्तर में तेजी से सुधार हुआ है। जहां चंद रोज पहले बांधों का अधिकांश भराव खाली नजर आता था, उनमें अब पानी का फैलाव हो गया है। मध्य प्रदेश की बेतवा नदी पर बने राजघाट व माताटीला बांध तो लबालब हो गए हैं। यदि इसी तरह बारिश होती रही तो ये दोनों बांध शीघ्र ही पूर्ण क्षमता से भर जाएंगे।
पिछले सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण समूचा जनपद सूखे की चपेट में रहा। मौजूदा बरसात के मौसम में अच्छी बारिश की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन जून माह में औसत से काफी कम 51.35 मिलीमीटर बारिश हुई थी। जिससे सूखे जैसे हालात बनने लगे थे। जुलाई माह में भी ऐसा ही प्रतीत हो रहा था, लेकिन माह के अंतिम सप्ताह में मानसून ने करवट बदला। जिससे यह हुआ कि आसमान में काले बादल बनने लगे। इसके बाद भी बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। चार दिनों की बारिश ने लोगों को उमस से राहत दे दी है। जुलाई माह में अब तक 265.65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। 24 घंटे में महरौनी तहसील में सर्वाधिक 96 मिलीमीटर, ललितपुर तहसील में 68 मिलीमीटर एवं तालबेहट तहसील में सबसे कम 31 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसका असर यह हुआ कि जिले के खाली बांधों में पानी का फैलाव बढ़ गया है। सबसे ज्यादा पानी राजघाट और माताटीला बांध में जमा हुआ है। ये दोनों बांध बेतवा नदी पर बने हैं, जिसमें पानी मध्य प्रदेश के जिलों का पहुंचता है। हालांकि, जिले के अन्य बांधों में जल स्तर में सुधार हुआ है लेकिन इन बांधों को भरने के लिए अभी भी जोरदार बारिश का इंतजार है।
ये है बांधों की स्थिति
गोविंद सागर बांध में पूर्ण क्षमता 363.93 मीटर के सापेक्ष 359.12 मीटर, शहजाद बांध में 321.50 मीटर के मुकाबले 313.55 मीटर, जामनी बांध में 403.55 मीटर के सापेक्ष 399.89 मीटर, सजनाम बांध में 373.20 मीटर मुकाबले 367.50 मीटर, रोहिणी बांध में 396.39 मीटर के मुकाबले 399.65 मीटर, राजघाट बांध 371 मीटर के सापेक्ष 367.05 मीटर, माताटीला बांध 308.45 मीटर के मुकाबले 303.08 मीटर जल स्तर हो गया है।
बारिश के आंकड़े नहीं खा रहे मेल
प्रशासन के रिकार्ड अनुसार जिले में 265.65 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। वहीं, सिंचाई विभाग के रिकार्ड में कुल बारिश 276 मिलीमीटर दर्शाई जा रही है। इससे बारिश के आंकड़ों को लेकर स्थिति अस्पष्ट हो गई है।