स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी को लेकर भ्रम
बिरधा (ललितपुर)। ब्लाक बिरधा का स्वास्थ्य केंद्र विवादों में घिर गया है। महीनों से इस स्वास्थ्य केंद्र की पहचान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में थी, जिस पर अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लगा दिया गया है। इससे ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
विकासखंड बिरधा जिले के पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ बनाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। यही नहीं, लाखों रुपये की लागत से भव्य इमारत भी बन गई है। लेकिन अब यह विवादों में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग इसे महीनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में पहचान दिए हुए था। लेकिन अब इस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लगा दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य केंद्र के नाम को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। बताते हैं कि इस स्वास्थ्य केंद्र ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मानक पूरे कर लिए हैं, लेकिन अभी तक इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा नहीं मिल पाया है। लखनऊ से आई एक टीम ने इसकी स्थिति स्पष्ट की तो उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने हरकत में आते हुए इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लगा दिया है। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बचाव मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं। यहां तक उन्हें जवाब देते नहीं बन रहा है। उधर, मिशन मोदी अगेन के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार टोंटे ने स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिलाने की मांग की है।
दर्जा दिलाएंगे ब्लाक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का
बिरधा के स्वास्थ्य केंद्र के नाम को लेकर मामला ग्रामीणों के माध्यम से संज्ञान में आया है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी व प्रदेश के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बात की है। इस स्वास्थ्य केंद्र को ब्लाक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जल्द ही दर्जा दिलाया जाएगा।
मनोहर लाल पंथ
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री
उत्तर प्रदेश शासन