स्कूलों में ‘स्वस्थ शरीर, स्वस्थ दिमाग’ पखवाड़ा
ललितपुर। आगामी 15 जनवरी से ‘स्वस्थ शरीर, स्वस्थ दिमाग’ पखवाड़ा मनाया जाएगा। पंद्रह दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में बच्चों व अभिभावकों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों को वितरित किए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता के प्रति भी अभिभावकों को जागरूक करने का काम किया जाएगा।
यह जागरूकता पखवाड़ा कार्यक्रम जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों में चलाया जाना है। इस कार्यक्रम का आयोजन मिड-डे मील योजना के तहत किया जाना है, जो 15 से 30 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील योजना के तहत एक समय का भोजन दिया जाता है। इसमें शासन द्वारा हर माह करोड़ों रुपये खर्च करने और तमाम सख्ती करने के बाद भी मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ पा रहा है। इस ‘स्वस्थ शरीर स्वस्थ दिमाग’ पखवाड़ा का मुख्य उद्देश्य भी बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए अभिभावकों को जागरूक करना है। इस पखवाड़ा कार्यक्रम डीएम के नेतृत्व में चलाया जाना है, जिसके संबंध में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण निदेशक अब्दुल समद ने विगत 29 दिसंबर को समस्त जनपद के जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि इसी शैक्षिक सत्र की शुरुआत में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए समस्त विद्यालयों में मां समूह का गठन किया गया था, जिनकी जिम्मेदारी थी कि हर रोज एक मां भोजन की गुणवत्ता को परखे और फिर बच्चों को भोजन वितरित किया जाए। यह योजना नियमित रूप से संचालित नहीं की जा रही है, इसलिए इस जागरूकता पखवाड़े के तहत मां समूह की बैठक आयोजित की जाएगी और भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने व बेहतर संचालन पर विचार विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को भोजन की गुणवत्ता, व्यक्तिगत स्वच्छता व पर्यावरण स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाएगा और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाना है। इसके साथ ही इसमें बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों, ग्रामीणों, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों व जन प्रतिनिधियों को भी इस कार्यक्रम में शामिल कर विद्यालय में बच्चों को साफ-सफाई व स्वच्छता की जानकारी दी जाएगी और बच्चों के द्वारा गांव व क्षेत्र में स्वच्छता संबंधी जागरूकता रैली भी निकाली जाएगी। इसी क्रम में समस्त विद्यालयों में खेलकूद, वाद-विवाद, चित्रण, पोस्टर मेकिंग, लोकगीत, नाटक आदि गतिविधियों का आयोजन कराने और विद्यालय परिसर में साफ-सफाई रखने व पौधारोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा रसोइयों के लिए बनाई गए ‘पोषणा’ फिल्म भी बच्चों व अभिभावकों को दिखाई जानी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग नहीं दिखा रहा दिलचस्पी
परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शासन ने पूर्व में मुख्य खाद्य सुरक्षा विभाग को मध्याह्न भोजन में पकने वाले भोजन का नमूना लेकर प्रयोगशाला में उसकी गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसमें मुख्य खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी खासी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। पिछले जुलाई माह में विभाग ने लगभग एक दर्जन विद्यालयों से भोजन के नमूने लिए थे, लेकिन इन नमूनों का क्या हुआ और इसके बाद किन-किन विद्यालयों से नमूने लिए गए। इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा विभाग व मिड-डे मील योजना विभाग में कोई जानकारी नहीं है।
खंड शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया पत्र
15 जनवरी से चलाए जाने वाले इस पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन कराने के सम्बंध में समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। इसके अलावा मुख्य खाद्य सुरक्षा विभाग अपनी ओर से कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। शासन के निर्देशन के बाद भी भोजन के नमूने नहीं लिए जा रहे हैं।
-कपिल दुबे, जिला समन्वयक, मिल-डे मील योजना, ललितपुर।