मड़ावरा ब्लाक प्रमुख के खिलाफ पारित हुआ अविश्वास प्रस्ताव
मड़ावरा (ललितपुर)। जनपद में बहुचर्चित और प्रतिष्ठा का सवाल बन चुके मड़ावरा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव 74 में से 41 मतों के साथ पारित हो गया।
गौरतलब है कि पहाड़ीकला से क्षेत्र पंचायत सदस्य दिग्विजयसिंह के नेतृत्व में जिला कलेक्टर मानवेंद्र सिंह को सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव के परिप्रेक्ष्य में उपजिलाधिकारी पदमसिंह की अध्यक्षता में बुधवार को सुबह 11 बजे बैठक बुलाई गई। इसमें दोनों खेमों के बीडीसी सभागार में पहुंचने पर बैठक की कार्यवाही पूर्ण कोरम के साथ प्रारंभ हुई, इसमें पीठासीन अधिकारी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पढ़कर सुनाया गया। प्रस्ताव के पक्ष विपक्ष में परिचर्चा के बाद बहुमत के आधार पर मतदान कराये जाने का निर्णय सदस्यों ने लिया। दोपहर 01 बजे प्रारंभ हुई मतदान प्रक्रिया में सभी 74 सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। दोपहर 3 बजे मतदान के बाद मतों की गणना प्रारंभ हुई, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 41 मत प्राप्त हुए और खिलाफ मेें मात्र 31 सदस्यों ने ही मत किया शेष 02 मत अवैध पाये गए।
बुधवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सामुदायिक सभागार में आयोजित पंचायत की बैठक में चंद्रदीप रावत खेमे के बीडीसी एक साथ एक बड़े काफिले की शक्ल में पौने 11 बजे ही सभागार में पहुंचे। जबकि मदनपुर परिवार के समर्थक क्षेत्र पंचायत सदस्यों को किसी भी सेंधमारी से बचाने के लिए पूरी सुरक्षा इंतजाम के बीच सभागार स्थल तक लाया गया। बैठक और मतदान प्रक्रिया के दौरान पीठासीन अधिकारी पदमसिंह, महत्वपूर्ण कार्य निष्पादन के लिए एडीओ पंचायत लखनलाल झा, उपजिलाधिकारी महरौनी, पुलिस क्षेत्राधिकारी महरौनी विनोदसिंह, सीओ नाराहट, नायब तहसीलदार प्रभात राय समेत तमाम पुलिस बल मौजूद रहा।
नहीं हो सकी सेंधमारी
मड़ावरा ब्लॉक प्रमुख चंद्रदीप रावत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के पूर्व मदनपुर खेमे के सदस्यों में सेंधमारी की चर्चा सूत्रों द्वारा प्राप्त हो रही थी, लेकिन इन सभी संभावनाओं को दरकिनार करते हुए दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों को सफलता प्राप्त हुई।
अतिविश्वास ने डुबाई नैया
मड़ावरा ब्लॉक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चंद्रदीप रावत खेमे के अतिविश्वास ही उनकी हार का सबब बन गया। अविश्वास प्रस्ताव की भूमिका जहां दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में तैयार की गई थी और उन्होंने अपने पाले में 41 सदस्य कर लिये वहीं रावत खेमे के पास महज 31 सदस्य ही साथ में बताये गए, लेकिन बुंदेला परिवार का प्रभाव और ऐन वक्त पर सदस्यों की जोड़.तोड़ कर लेने की अतिविश्वास की रणनीति सफल नहीं हो सकी।
तीन सदस्यीय समिति होगी गठित
मड़ावरा 41 सदस्यों के मतों से पारित अविश्वास प्रस्ताव से पदच्युत किये गए ब्लॉक प्रमुख के रिक्त पद पर नए प्रमुख के निर्वाचन तक जिलाधिकारी द्वारा नामित त्रिसदस्यीय समिति क्षेत्र पंचायत का संचालन करेगी। साथ ही शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार जारी तिथि को रिक्त क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद पर निर्वाचन सम्पन्न कराया जाएगा।
छावनी में तब्दील हुआ कस्बा
मड़ावरा क्षेत्र पंचायत की बैठक और मतदान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए थानाध्यक्ष मड़ावरा राजेश कुमार के नेतृत्व में कस्बे समेत सभागार स्थल पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। सभागार तक पहुंचने में सभी बीडीसी सदस्यों को पहचान और तलाशी के बाद अंदर जाने दिया गया और सदन के सदस्यों के अलावा अन्य सभी का प्रवेश वर्जित रखा गया।
परिणाम जानने के लिए लोग रहे उत्सुक
मड़ावरा प्रतिष्ठापूर्ण बन चुके इस राजनीतिक उठापटक के परिणाम जानने के लिए क्षेत्रवासियों में कौतूहल और जिज्ञासा देखने को मिली। पूरे मामले की कवरेज के लिए स्थानीय मीडिया समेत जिला स्तरीय मीडिया अपनी नजर बनाये रहा जबकि बैठक एवं मतदान की कार्यवाही की वीडियो ग्राफी के इंतजाम प्रशासन द्वारा किए गए।
नहीं दिखे सत्ताधारी राजनेता
मड़ावरा ब्लॉक प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव से पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य के अपहरण के आरोप प्रत्यारोप के बीच सोशल मीडिया पर एक पुलिस उपनिरीक्षक और बीजपी जिलाध्यक्ष राज्यमंत्री आदि के वायरल हुई ऑडियो के बाद बुधवार को सत्ताधारी पक्ष के राजनेता बैठक और मतदान प्रक्रिया के दौरान मड़ावरा से दूरी बनाये रहे। वहीं चंद्रदीप रावत के समर्थन में सपा नेता गुड्डू राजा मड़ावरा पहुंचे।