फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेतुके तरीके से बसता जा रहा शहर

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना नक्शा पास कराए बस गई बस्तियां
ललितपुर। शहर को व्यवस्थित तरीके से बसाने के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण विभाग को स्थापित किया गया है और इस विभाग के अधिकारी डीएम व एसडीएम को नामित किया गया है, ताकि नियमों व विकास महायोजना का सख्ती से पालन हो सके। इसके बावजूद भी शहर में बिना नक्शा पास कराए मकान तो छोड़ो पूरे मुहल्ले व बस्तियां बस गई है।
विज्ञापन

शासन की मंशा है कि एक भी मकान का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के न हो ताकि भविष्य में शहर में अव्यवस्थाएं फैलें। शहर को सुंदर व व्यवस्थित तरीके से बसाया जाए, इसके लिए शहर में विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की स्थापना कर वर्ष 1996 में विकास महायोजना लागू की गई थी। इस महायोजना में शहर की वास्तविक व आगामी भौतिक स्थिति का आंकलन करते हुए यह तय किया गया है कि शहर के किस क्षेत्र में आवासीय मकान बनाए जाने हैं व कहां पर व्यवसायिक भवन और उद्योग केंद्र स्थापित किए जाने है, साथ ही हरिट पट्टी भी चिह्नित है। इसी के आधार पर विभाग भू-स्वामि को भवन का निर्माण कराने की अनुमति देता है और नियमों को ध्यान में रखते हुए भवन का मानचित्र भी स्वीकृत किया जाता है। यदि कोई भी व्यक्ति विभाग से बिना मानचित्र स्वीकृति के भवन का निर्माण करा लिया जाता है तो आरबीए एक्ट-1958 की धारा 15(2) के तहत भवन के खिलाफ ध्वस्तिकरण की कार्रवाई की जाती है। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कराकर शहर में अव्यवस्थाएं न फैलें इसके लिए जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी समेत जिला प्रशासन को ही इस विभाग का अधिकारी नामित किया गया है, ताकि नियमों का सख्ती से पालन हो सके। सख्त नियमों, विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती के बाद भी शहर बेतुके तरीके से बसता ही चला जा रहा है। शहर में बिना मानचित्र के एक-दो मकान तो दूर की बात अधिकारियों की नांक के नीचे ही शहर में बिना मानचित्र स्वीकृति के मकानों के पूरे मुहल्ले व बस्तियां बस गई है। शहर के ही बीचों-बीच स्थित मुहल्ला आजादपुरा में तुवन टीला क्षेत्र, गोविंद नगर, रावतयाना, चौकाबाग, रामनगर, हरदीला, लेड़ियापुरा, नेहरु नगर, जुगपुरा, सिद्घनपुरा समेत अनेकों इलाके हैं, जहां पर सैंकड़ों की संख्या में बिना मानचित्र स्वीकृति के नवीन मकान बने हुए हैं। इसके साथ ही सिविल क्षेत्र में वार्ड नंबर 08 ऐसा वार्ड हैं जहां पर आधे से अधिक मकान बिना मानचित्र स्वीकृति के बने हुए है। यहां चांदमारी क्षेत्र में लगभग सात-आठ एकड़ भू-भाग पर लगभग दो सैंकड़ा से अधिक मकान बने हुए, इनमें से किसी भी मकान का मानचित्र स्वीकृति नहीं है। गौरतलब है कि इन इलाकों में इतनी बड़ी संख्या में बिना मानचित्र स्वीकृति के भवनों का निमार्ण हो गया है और वर्तमान में भी दर्जनों की संख्या में भवनों का निर्माण कार्य जारी है। इसी तरह पिसनारी बाग में भी बिना मानचित्र स्वीकृति वाले माकानों से बस्तियां बस गई हैं। यहां पर सैंकड़ों की संख्या में मकानों का निर्माण हो गया है, जहां पर महायोजना को दरकिनार करते हुए नियम विरुद्घ व बेतुके तरीके से भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जो आगामी दिनों में शहर में अव्यवस्थाएं फैलाने का काम करेगी।
विज्ञापन

---------------
चिह्नित कर कार्रवाई होगी
अगर बिना मानचित्र स्वीकृति के मकानों का निर्माण किया जा रहा है, तो यह नियम विरुद्घ है, ऐसे भवनों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
-महेश प्रसाद दीक्षित
एसडीएम/नियत प्राधिकारी, ललितपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें