अस्पताल तो मिल गया पर डाक्टर नहीं
डोंगरा खुर्द(ललितपुर)। तहसील पाली अंतर्गत ग्राम डोंगरा खुर्द में करीब दो वर्ष पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था जो एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर बना हुआ है, जिसमें डाक्टरों के आवासों सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीजों को रुकने के लिये रूम बने हैं। अस्पताल बन जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के हैंड ओवर कर दिया गया, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के उदासीनता के चलते अस्पताल उजड़ गया है, कीमती सामान चोरी चला गया है । कुर्सी टेबिल एलसीडी पलंग, गेट आदि उपकरण चोर चले गये हैं। स्वास्थ्य विभाग हाथों पर हाथ धरकर देखता रहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की इमारत बिना किसी उपयोग के ही जर्जर हालत में है। जिसकी मरम्मत भी नहीं हुई।
जनवरी वर्ष 2015 में अस्पताल बनकर तैयार हुआ था एक वर्ष भी बीतने के बाद से ही अस्पताल की स्थिति खराब हो गई है। किसी डाक्टर की नियुक्ति नहीं होने से मरीजों का समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल परिसर में आवासों की हालत खस्ताहाल हैं दरवाजे टूट गये हैं, कमरों के अंदर गंदगी बिखरी पड़ी है। गोबर पड़ा हुआ है अस्पताल के स्टाफ को रहने के लिए आवास बनाए गये थे, लेकिन इस्तेमाल जानवर कर रहे हैं। अस्पताल बनवाने का उद्देश्य था कि ग्रामीणों को उपचार और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण सुविधाएं उपलब्ध हों अस्पताल का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है या तो झोलाछाप डाक्टरों का सहारा लेना पड़ता है। इसके बाद मुख्यालय ले जाना पड़ता है ऐसे में ग्रामीणों को तमाम परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्टाफ की नियुक्ति किये हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाखों रुपए के उपकरण पहुंचा दिए गए थे, लेकिन सुरक्षा न होने के कारण अराजक तत्वों द्वारा सामान चोरी कर लिया गया है। अस्पताल से चोरी जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने फार्मासिस्ट तैनात कर दिया, लेकिन दोबारा यहां पर पूरा सामान नहीं भेजा गया अस्पताल में मौजूद फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के वक्त आस पास के दर्जनों गांव वालों को आस बंधी थी कि अब उन्हें अच्छा इलाज उपलब्ध हो सकेगा, लेकिन ऐसा हकीकत में नहीं हो सका, स्वास्थ्य केंद्र के आसपास के गांव, बरेजा ,तरावली, दिगवार, ड़ोगरा, पटना, पारोल, गुढा, खिरिया, चादोरा, गुरयाना, धोलपुरा, गदोरा, देवरी, बरोदिया, सिगरबारा, बरखेरा आदि ग्रामों के लोगों ने अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती की मांग की है।