ललितपुर। कोतवाली अंतर्गत ग्राम मैलवाराखुर्द में आगरा से आए लोगों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जिले वासियों ने राहत की सांस ली। आगरा से लौटे गांव के 15 लोगों में कुछ को सर्दी और जुकाम होने पर गांव को सील करके सभी को क्वारंटीन किया गया।
प्रदेश में सबसे अधिक कोरोना पीड़ित मरीजों की संख्या का जिला आगरा है। यहां पर तीन सौ चौबीस लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश में भी कोरोना पॉजीटिव केस पाए गए हैं। इस पर जिले की सीमाओं पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई। निगरानी के बाद भी 20 अप्रैल को आगरा से लौटे पांच व्यक्ति और छह अप्रैल को लौटे दस लोगों में से कुछ लोगों को सर्दी व जुकाम होने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया।
आनन - फानन में गांव को सील कर पुलिस बल मुस्तैद कर रास्तों में बैरीकेटिंग लगाकर बंद कर दिया। इसके बाद बाहर से आए लोगों को क्वारंटीन कर ग्राम रौंड़ा में बने सेंटर में ठहराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सैंपल लेकर जांच को झांसी भेजा था। बुधवार रात्रि में आई रिपोर्ट में किसी में भी कोरोना वायरस संक्रमण होने की पुष्टि नहीं होने पर सभी ने राहत की सांस ली।
दो दिन में नहीं किया मेडिकल को क्वारंटीन
शासन ने दो दिन के लिए सैंपल जांच बंद करने के निर्देश दिए थे, जिसके क्रम में जनपद में बुधवार व बृहस्पतिवार को किसी को भी क्वारंटीन नहीं किया गया है। इसके अलावा अब मेडीकल क्वारंटीन में कोई भी व्यक्ति नहीं है। केवल स्टाफ ही नियुक्त रह गया है।
जिले में बाहर से आए सभी लोगों की रिपोर्ट आ चुकी है। अब कोई भी रिपोर्ट आना बाकी नहीं है। ग्राम मैलवारा के सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव रही है।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी