प्रवासी श्रमिकों को शरण देने वाली अमझरा गोशाला अब खाली पड़ी है।
- फोटो : LALITPUR
पंद्रह बसों से अमरपुर मंडी भेजे गए 780 प्रवासी मजदूर
डोंगराखुर्द (ललितपुर)। जिले के अमझरा घाटी बॉर्डर से 780 प्रवासी मजदूरों को 15 बसें से अमरपुर मंडी भेजा गया। यहां से उन्हें उनके गृह जनपद भेजने की तैयारी की जा रही है। मौजूदा समय में दो अन्य बसें मजदूरों के इंतजार में अमझरा घाटी पर रोकी गई हैं।
बृहस्पतिवार को दिन भर सन्नाटा रहने के बाद शाम होते ही प्रवासी मजदूरों का आना आरंभ हो गया। इसकी सूचना पाते ही जिला प्रशासन व पुलिस हरकत में आ गई और आ रहे मजदूरों को अमरपुर मंडी भेजने की व्यवस्था की गई। शुक्रवार की सुबह तक मजदूर अमझरा घाटी से अमरपुर मंडी बसों के माध्यम से आते रहे। मजदूरों को 15 बसों के माध्यम से अमरपुर मंडी भेजा गया। पिछले कई दिनों से गोशाला में महानगरों से आए हजारों मजदूरों को ठहरने का सहारा मिला हुआ था। यहां प्रशासन के साथ समाजसेवी संस्थाओं व व्यापार मंडल नाराहट ने भोजन व पानी की व्यवस्था थी। इस गोशाला में बाहर आए लोगों की पीड़ा मन को दुखी कर देती थी। कइयों के पैरों में चलते-चलते सूजन आ गई थी तो कई दर्द से करा रहे थे। प्रवासी मजदूरों में महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात अन्य प्रदेशों से पैदल चलकर आए थे, उन्हें रास्ते में बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ा था।
वर्जन
मजदूरों के आने की भीड़ कम हो गई है। बृहस्पतिवार की रात व शुक्रवार की सुबह कुल 15 बसों से 780 मजदूरों को अमरपुर मंडी भेजा गया। वर्तमान में दो बसों को मजदूरों के आने के इंतजार में रोका गया है। - फूल सिंह, सीओ पाली।