कोतवाली परिसर में खडे़ दोनों ट्रैक्टर।
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अवैध खनन में दो ट्रैक्टर और एक डंपर पकड़ा
तालबेहट। क्षेत्र में कुछ विभागों की लचरता से अवैध खनन जारी है। इसकी हकीकत उपजिलाधिकारी मोहम्मद कमर के चेकिंग अभियान में सामने आई। एसडीएम ने अवैध खनन करते दो ट्रैक्टर एवं एक डंपर को पकड़ा। उन्होंने तीनों वाहनों को कोतवाली में पुलिस की अभिरक्षा में खड़ा करवा कर इसकी सूचना जिला खनन अधिकारी को भेज दी।
लॉकडाउन में जहां प्रशासनिक अमला शासन के निर्देशों की व्यवस्था बनाने में सक्रिय रहा। वहीं, दूसरी ओर कुछ विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी अपने लाभ में व्यस्त है। जिसके चलते पूरे क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार जारी है। खनन माफियाओं के हौसलें इतने बुलंद है कि कुछ दिन पहले जेसीबी पकड़ने गए तेरई फाटक चौकी के पुलिस कर्मियों पर माफिया ने जानलेवा हमला किया था। पहले पुलिस के अधिकारी हमले की बात को नकारते रहे। लेकिन बाद में चौकी प्रभारी की शिकायत पर छह आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया था।
क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन की जमीनी हकीकत जानने के लिए उपजिलाधिकारी मोहम्मद कमर ने बृहस्पतिवार को रात में नगर के समीप एक स्थान पर दबिश देकर बालू से भरा एक ट्रैक्टर और एक डंपर पकड़ा। जबकि शुक्रवार को सुबह एक ट्रैक्टर को ध्रुव कुटी मंदिर के समीप से पकड़ा। एसडीएम ने तीनों वाहनों को कोतवाली में पुलिस की अभिरक्षा में खड़ा करवा कर इसकी सूचना जिला खनन अधिकारी को भेज दी। एसडीएम की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के खनन माफियाओं में हड़कम्प मचा रहा। देखना है कि एसडीएम की यह छापा मार कार्रवाई कितने दिन चलती है।
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एसडीएम के नए वाहन के कारण धोखा खा गए सूचना देने वाले
पूरे क्षेत्र में काफी समय से पुलिस एवं वन विभाग की मिली भगत से अवैध खनन का कारोबार बदस्तूर जारी है। खनन माफियाओं का एक पूरा नेट वर्क है जो इन विभागीय कर्मचारियों के संपर्क में रहता है। उसे अधिकारियों के मौके पर जाने से पहले इसकी सूचना मिल जाती है। लॉकडाउन लगने के बाद एसडीएम के नए वाहन की पहचान न होने के कारण खनन माफियाओं के सूचना दाता इस बार धोखा खा गए।