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गरीबों के कंठ तर नहीं कर पा रही अमृत योजना

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गरीबों के कंठ तर नहीं कर पा रहा ‘अमृत’
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ललितपुर। शहर में निर्धन परिवारों की प्यास बुझाने में अटल मिशन फार रिजूवेशन एंड अरबन ट्रांसफारमेशन (अमृत) योजना नाकाम रही है। जिन परिवारों ने योजनांतर्गत कनेक्शन लिए हैं, उनमें से अधिकांश परिवारों को पीने का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। इसका कारण यह है कि पहले से बिछी मेनलाइन में ही कनेक्शनों की संख्या बढ़ा दी गई है, जिससे पाइप में पानी का प्रेशर बनना बंद हो गया है। अब न तो पहले लिए कनेक्शन वालों को पानी मिल रहा है और न ही नए कनेक्शनधारियों को पानी मिल पा रहा है।
कस्बों में बुनियादी सुविधाएं जिनमें बिजली, पानी की सप्लाई, सीवर, सेप्टेज मैनेजमेंट, कूड़ा प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, पार्क आदि का निर्माण कराने के लिए अमृत योजना चलाई जा रही है। योजनांतर्गत शहर के निर्धन परिवारों ने नि:शुल्क कनेक्शन दिए जाने हैं। इस काम का जिम्मा जल निगम निर्माण इकाई ने अपने हाथों में ले रखा है। जल निगम ने अब तक जल संस्थान को करीब 3500 कनेक्शन की सूची उपलब्ध कराई है। विभिन्न मोहल्लों में अभी भी कनेक्शन दिए जा रहे हैं। तमाम निर्धन परिवार योजनांतर्गत कनेक्शन लेेने के उपरांत खुद को छला सा महसूस कर रहे हैं।
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जल निगम ने वर्षों पुरानी मेन लाइन में ही अमृत योजना के कनेक्शन दे दिए हैं। इससे पूर्व से चले आ रहे कनेक्शनधारकों को भी पानी मिलना बंद हो गया है। यही नहीं, नए कनेक्शनधारी भी पानी नहीं मिलने से परेशान हैं। मोहल्ला रैदासपुरा, कर्माबाई नगर, गोविंद नगर, नारायणपुरा, नदीपुरा आदि शामिल हैं। लोगों का आरोप है कि वर्षो पहले लाइनों को बिछाया गया था, उस समय कनेक्शन कम थे। वर्तमान में कनेक्शन बढ़ गए, लेकिन पाइप लाइन में उतना ही पानी आ रहा है। नतीजा यह हुआ कि पाइप लाइनों में पानी का प्रेशर बनना बंद हो गया। जिससे पाइप लाइनों में पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जल निगम ने लोगों की परेशानी कम करने की जगह बढ़ा दी है। अब गर्मी में पानी कैसे मिल पाएगा, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है? उधर, विभागीय अफसर बेफ्रिक बने हुए हैं। वे कनेक्शन बढ़ाकर अपनी प्रगति को बेहतर बताकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
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मोहल्ले में पानी की बहुत बड़ी समस्या है। पानी के इंतजार में रात भर जागते हैं। यह चिंता सताती रहती है कि कब नल आ जाए? फिर भी नल नहीं आते हैं। जैसे तैसे पीने के पानी का इंतजाम हो पा रहा है।
- रतीबाई

अमृत योजना के नल शोपीस बनकर रह गए हैं। तीन- चार दिन में आधा घंटा पानी मिल पाता है, उसके लिए रात्रि जागरण करना पड़ता है। कभी रात में दो व तीन बजे नल आते हैं। यदि सो गए तो फिर पानी मिलना मुश्किल हो गया।
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- राजेश

दो महीने से घर में पानी नहीं पहुंचा। नाले के पास लगे हैंडपंप से पीने के पानी का इंतजाम कर रहे हैं। यदि हैंडपंप न हो तो कंठ प्यासे के प्यासे रह जाएं।
- राजरानी

मोहल्ले में बोरिंग सफल नहीं है। ऐसे में जल संस्थान की आपूर्ति पर ही निर्भर हैं। जब ड्यूटी करके लौटते हैं तो आराम करने की सोचते हैं लेकिन घर के खाली बर्तन देखकर दिमाग खराब हो जाता है।
- तुलसीराम

रैदासपुरा में रहती है समस्या
अमृत योजना में अस्सी प्रतिशत कनेक्शनधारियों को पानी मिल रहा है। कुछ जगह दिक्कत है, खासकर मोहल्ला रैदासपुरा में, उसे सही किया जा रहा है।
- रामभुवन, अवर अभियंता, जल संस्थान

नहीं बता सके कनेक्शन की संख्या
अमृत योजना के तहत कनेक्शन दिए जा रहे हैं लेकिन इनकी संख्या याद नहीं है। कार्यालय खुलने पर अभिलेखों को देखकर कोई स्पष्ट संख्या बता सकते हैं।
- प्रवीण कुट्टी, परियोजना प्रबंधक, जल निगम निर्माण इकाई
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