पाला पड़ने से पान की फसल को भारी नुकसान
पान की खेती को कृषि फसल का दर्जा देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बानपुर (ललितपुर)। कस्बा बानपुर में पिछले दिनों पाला पड़ने व शीतलहर चलने से पान की खेती करने वाले कृषकों की फसलें बर्बाद हो गईं। जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका सता रही है।
बानपुर में विगत कई वर्षों से पान की खेती करने वाले चौरसिया समाज के लोगों को काफी नुकसान हो रहा है। इसके बाद भी उक्त लोग अपने पूर्वजों के व्यवसाय को छोड़ नहीं पा रहे हैं। पिछले दिनों से पड़ रही ठंड के कारण पाला पड़ने से पान की खेती को काफी नुकसान हुआ है। इसके चलते पान की खेती करने वाले किसान पान की खेती को कृषि का दर्जा दिलाने की मांग कर हैं, लेकिन इस ओर भी शासन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके चलते पान की खेती करने वाले कृषकों को मुआवजा नहीं मिल पाता। पिछले सप्ताह पान की लहलहाती फसलों पर पाला पड़ने के कारण पान के पत्ते काले पड़ गए, यहां तक कि पान के पत्ते गलकर नीचे जमीन पर गिरने लगे हैं। कई बरेजों में तो पान की फसलें 70 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी है। दूसरी ओर जो फसल बची है उसको बचाने के लिए किसान सिंचाई कर रहे हैं। कृषकों का कहना है कि अभी ठंड और पड़ेगी, इसलिए शायद ही पान की फसल से उनके हाथ कुछ लग सके। कृषक कृष्ण कुमार चौरसिया, गनेश प्रसाद व बसोरे चौरसिया ने बताया कि उनकी पान की फसलें 70 प्रतिशत तक खराब हो चुकी हैं और जो बचीं हैं दिनरात मेहनत करके बचाने के प्रयास में लगे हैं। पान की खेती करने वाले लोगों में फसल खराब होने के चलते काफी बेचैनी है। पान कृषकों ने उपजिलाधिकारी महरौनी को ज्ञापन भी देकर आग्रह किया है कि फसलों की सर्वे कराकर राहत राशि दिलाने का कष्ट करें व पान की खेती को कृषि का दर्जा दिलाने का कष्ट करें।