मानसून की बेरुखी से बरसाती का व्यापार कमजोर
ललितपुर। मानसून की बेरुखी से बरसाती का व्यापार कमजोर हुआ है। जिससे अब तक पिछले साल के मुकाबले 50 प्रतिशत से कम ही बिक्री हो पाई है। ऐसी स्थिति में व्यापारियों की लाखों रुपये की रकम फंसकर गई है।
जिले में इस बार मानसून अभी तक सक्रिय नहीं हो सका है। जिससे जिले में बारिश कम ही हुई है। इसका विपरीत असर बरसाती के व्यापार पर पड़ा है। व्यापारियों ने अच्छे मानसून की आश में लाखों रुपये की बरसाती खरीदकर रख ली है, लेकिन अब तक हुई बारिश ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने जो बरसाती खरीदकर रख ली है, उसकी बिक्री नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि दुकानों पर इक्का-दुक्का खरीददार ही बरसाती लेने के लिए पहुंच रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि बारिश का यही हाल रहा कि तो बरसाती में फंसी रकम निकालना मुश्किल हो जाएगा। जितने किसान बारिश के लिए चिंतित हैं, उतने ही व्यापारी भी। सभी लोग आसमान की ओर निहार रहे हैं कि कब जोरदार बारिश हो?
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पांच लाख रुपये लगे हैं व्यापार में
बरसाती के व्यापार में पांच लाख रुपये लगा रखे हैं। अब तक करीब ढाई लाख रुपये इसमें से निकल पाए हैं। पिछले वर्षों में श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का समय आता था तब तक दुकान से बरसाती खत्म हो जाती थी। इस बार मानसून ने धोखा दे दिया है, जिससे बरसाती का व्यापार मंदा पड़ गया है।
अमित लिंकन
ग्राहक ही नहीं आ रहे
बारिश थमने से बरसाती की मांग नहीं बढ़ पा रही है। अब तक जो बारिश हुई है, वह हल्की फुल्की ही रही है। जब बारिश एक दो दिन लगातार होती है तो बरसाती के ग्राहक अचानक बढ़ जाते हैं। इस समय इक्का दुक्का ग्राहक आते हैं, जिन्हें दुकानदार अपने बुलाता है।
मनीराम पटवा
व्यापारियों को भी बारिश की उम्मीद
बारिश थमने से अकेले किसान हीं चिंतित नहीं हैं, इससे व्यापारी भी जुड़े हैं। जब बारिश अच्छी होती है तो बरसाती की मांग खुद व खुद बढ़ जाती है। किसान के साथ बरसाती व्यापारियों को जोरदार बारिश का इंतजार है। यदि अच्छा मानसून रहेगा तो बाजार भी चल पड़ेगा।
रामकुमार
कम कर दिए बरसाती के दाम
इस सीजन में जो अभी तक बारिश हुई है, उससे बरसाती व्यापारियों का भला नहीं हो पाया है। व्यापारियों ने अच्छे मानसून की आश में लाखों रुपये इस व्यापार में लगा दिए। अब बारिश नहीं हो रही है तो बरसाती फंसकर रह गई है। रकम निकालने के लिए दुकानदारों ने बरसाती के दाम गिरा दिए हैं। यदि कुछ दिनों में बारिश नहीं होती है तो बरसाती दुकानदारों को घाटा उठाना पड़ सकता है।
मोहम्मद इकबाल