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रेलवे स्टेशन पर एटीवीएम मशीनें पड़ी बंद, नए ठेके का इंतजार

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फोटो- 10
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कैप्सन-

एटीवीएम को मददगार का इंतजार
- रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध कराने के लिए लगाई थी
- मार्च के अंत तक था आपरेटर रखने का ठेका
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
रेलवे स्टेेशन पर टिकट काउंटरों पर लंबी लाइनों से निजात दिलाने और यात्रियों को आसानी से टिकट मुहैया कराने के उद्देश्य से लगाई गई तीन एटीवीएम मशीनें फैसिलेटर (आपरेटर) के न होने से पिछले एक माह से बेकार सी पड़ी हैं। इसके चलते यात्रियों को काउंटरों पर लाइन लगाकर ही टिकट लेना पड़ रहा है। इन मशीनों पर आपरेटर रखने वाली कंपनी का ठेका मार्च महीने तक ही था।
रेलवे द्वारा टिकट वितरण की सुविधा को आसान बनाने और टिकट काउंटरों पर रोजाना लंबी लाइनों से निजात दिलाने के लिए ऑटोमैटिक टिकट वेडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं। टिकट काउंटरों के पास शुरुआत में तीन मशीनें लगाई गईं और इन मशीनों के संचालन के लिए एक-एक फेसिलेटर भी नियुक्त किए गए थे। शुरुआत में तो मशीनों को संचालन ठीक से होता रहा, स्टेशन पर इन मशीनों के बहुत कम संचालन होने की वजह से टिकट बिक्री बहुत ज्यादा नहीं हो सकी। लेकिन बहुत से यात्रियों को टिकट काउंटरों पर लंबी लाइन में लगने और ट्रेन आने पर जल्दी से टिकट मिलने की इस सुविधा का भरपूूर लाभ मिला। इसकी शुरुआत जनवरी माह में हुई थी, जिसका टैंडर एक कंपनी को मार्च के अंत तक के लिए दिया गया था। वहीं, तीन माह पूर्व रेलवे के जीएम का दौरा होने के चलते रेलवे ने आननफानन में यात्रियों को टिकट सुविधा को और अधिक आसान बनाने के लिए स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के एंट्री गेट पर पूछताछ कार्यालय के पास दो एटीवीएम मशीनें और स्थापित करा दी गईं, लेकिन इन मशीनों के लिए कोई फैसिलेटर उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके चलते इन मशीनों का यात्रियों का आज भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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इंसेट
ऐसे निकाल सकते है टिकट
एटीएम की तर्ज पर लगाई गई इन मशीनों से यात्री साधारण टिकट खुद ही निकाल सकते हैं। इसके लिए यात्रियों को इन मशीनों से टिकट लेने के लिए पहले 50 रुपये का रिचार्ज कार्ड लेना होता है। यह कार्ड एक वर्ष के लिए मान्य होता है। इसमें कम से कम बीस रुपये और अधिकतम पांच हजार रुपए तक का रिचार्ज कराया जा सकता है। रेलवे द्वारा जारी किए जाने वाले कार्ड को यात्री द्वारा वेडिंग मशीन से टच करना होता है। इसके बाद स्क्रीन पर सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की जानकारी उपलब्ध हो जाती है। इसमें यात्री को संबंधित स्टेशन और यात्री ट्रेन का नाम भरना होता है, जिसके बाद टिकट जारी हो जाता है। इस योजना के तहत यात्री को पांच फीसदी बोनस भी मिलता है। प्रत्येक मशीन के लिए रेलवे द्वारा फैसिलेटर भी लगाए जाते हैं, जो यात्री को इस मशीन से टिकट प्राप्त करने की जानकारी देते हैं और यदि किसी यात्री के पास कार्ड नहीं है तो फैसिलेटर उन यात्रियों को अपने कार्ड से यात्रियों द्वारा मांगे जाने वाले संबंधित स्टेशन तक का टिकट भी मुहैया कराता है। रेलवे द्वारा ललितपुर स्टेशन पर यह सुविधा तो मुहैया करा दी गई, लेकिन एक माह से कोई फैसिलेटर नहीं होने से यह मशीनें शोपीस बनी हुई है। रेलवे के सीसीआई एसके गुप्ता के अनुसार इन मशीनों के लिए फैसिलेटर का टैंडर मार्च के अंत में समाप्त हो गया है, जून माह में यह टैंडर रेलवे द्वारा मंडल कार्यालय से होना है।
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