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नेहरु नगर पेयजल योजना निरस्त होने की फैलाई जा रही अपवाह

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नेहरू नगर पेयजल योजना रे निरस्त होने की चर्चा
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ललितपुर। बीते चार-पांच दिनों से शहर में नेहरू नगर पेयजल योजना निरस्त होने की चर्चा जोरों पर चल रही है। नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू ने चर्चा को मात्र एक अफवाह बताया है। जल निगम के अधिकारियों ने भी नेहरू नगर पेयजल योजना निरस्त होने की बात को सिरे से नकार दिया है।
नेहरू नगर पेयजल योजना को पिछले दो वर्षों से चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है। वर्ष 2016 में विधानसभा चुनाव और हाल ही में हुए नगर पालिका के चुनाव में भी नेहरू नगर पेयजल योजना चुनावी मुद्दा बनी रही। वर्तमान में भी इस नेहरू नगर पेयजल योजना को कुछ लोगों द्वारा फर्जी मुद्दा बनाया जा रहा है। पिछले सप्ताह से शहर में यह चर्चा बड़े जोरों पर है कि नेहरू नगर पेयजल योजना निरस्त कर दी गई है। विपक्षी भी इसको हवा देने का काम कर रहे हैं और भाजपा व नगर पालिका अध्यक्ष पर निशाना साध रहे हैं। विगत रोज कुछ पार्षदों व संगठनों ने भी इसके विरोध में ज्ञापन सौंपा है। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके नेहरू नगर पेयजल योजना के निरस्त होने की जो चर्चा शहर में चल रही है उसको बेबुनियाद व अफवाह बताया है। उन्होंने नेहरू नगर व चांदमारी वासियों को आवश्वासन दिया है कि यह योजना निरस्त नहीं हुई है और शासन स्तर पर कार्ययोजना की मंजूरी की कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि जब तक यह योजना पूर्ण नहीं होती है, तब तक क्षेत्र की पेयजल समस्या को अन्य माध्यमों से जलापूर्ति कर दूर किया जाएगा।
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यह है योजना की वास्तविक हकीकत
वर्ष 2015 में अमृत योजना के तहत नेहरू नगर में पेयजल व्यवस्था कराने के लिए वहां पर पानी की टंकी और हर घर में पाइप लाइन बिछवाने की कार्ययोजना को स्वीकृति मिल गई थी। इसके बाद जल निगम की डीपीआर पर वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अगस्त 2016 में नेहरू नगर पेयजल कार्ययोजना की टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई थी। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद स्थानीय नेताओं के द्वारा नेहरू नगर पेयजल योजना में सिद्धनपुरा, सदनशाह और चांदमारी क्षेत्र को भी शामिल करवा दिया गया है और नया प्रस्ताव व डीपीआर शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया है। पहले की कार्ययोजना में मुहल्ला डोड़ाघाट फिल्ट्रेशन प्लांट से ही क्षेत्र में जलापूर्ति की जानी थी, लेकिन अब इस कार्ययोजना में फेरबदल करते हुए गोविंद सागर बांध से ही कच्चा पानी लेकर नेहरू नगर में ही फिल्ट्रेशन प्लांट की स्थापना कराई जानी है। इस नवीन कार्ययोजना की लागत करीब 40 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसकी वित्तीय स्वीकृति के लिए जल निगम द्वार डीपीआर शासन को पूर्व में ही भेजी जा चुकी है। अब केवल शासन से वित्तीय स्वीकृति और गोविंद सागर बांध से पानी लेने की स्वीकृति मिलना बाकी है।

अभी योजना नहीं हुई निरस्त
नेहरू नगर पेयजल योजना अभी निरस्त नहीं की गई है। बांध से पानी देने की स्वीकृति सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों व शासन को ही देनी है। फिलहाल स्थानीय सिंचाई विभाग ने तो पानी देने से कोई आपत्ति नहीं लगाई है। यदि बांध से पानी लेने पर मंजूरी बन जाती है, तो इसके बाद की डीपीआर स्वीकृत हो सकेगी। इसके बाद ही वित्तीय स्वीकृति व बजट आवंटन की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। इसके लिए जिला स्तर से शासन तक पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही योजना धरातल पर भी शुरू हो जाएगी।
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-इं.दिनेश कुमार
सहायक अभियंता/ प्रभारी, नेयजल नगर पेयजल योजना, जल निगम।

पानी देने में नहीं कोई आपत्ति
बांध से पानी लेने की मंजूरी शासन स्तर से ही दी जानी है। यदि हमारे विभाग से मंजूरी मांगी जाती है तो हमारे स्तर से मंजूरी दे दी जाएगी। बांध से पानी देने में कोई आपत्ति नहीं है।
-अतुल गुप्ता
अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड सिंचाई विभाग।
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