नीलकंठेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार कराएं
समिति ने की जिले के विकास कार्यों की समीक्षा
वसूली बढ़ाने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कलक्ट्रेट सभागार में उप्र विधान परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति की आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों की समीक्षा की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने ब्योरा प्रस्तुत नहीं कर पाने पर उन्होंने आबकारी अधिकारी को समस्त ब्योरे के साथ समिति के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए। वहीं, नीलकंठेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार कराने के लिए कहा।
बैठक में संसदीय समिति के अध्यक्ष पुष्पराज जैन (पम्मी), एमएलसी दिलीप सिंह यादव, एमएलसी रमा निरंजन का पुष्प देकर स्वागत किया गया। इसके उपरांत सदस्यगणों ने जनपद में विभिन्न विभागों द्वारा कराये जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। सदस्यों ने कहा कि प्रदेश में जहरीली शराब एक प्रमुख मुद्दा है। उन्होंने विभाग द्वारा 01 जनवरी 18 से अब तक की गई छापेमारी, गिरफ्तारी व अन्य कार्रवाइयों का ब्योरा मांगा। जिला आबकारी अधिकारी द्वारा ब्योरा प्रस्तुत नहीं कर पाने पर उन्होंने आबकारी अधिकारी को समस्त ब्योरे के साथ समिति के समक्ष उपस्थित होकर अवगत कराने के निर्देश दिये। व्यापार एवं वाणिज्य कर के बारे में बताया गया कि माह में 1.259 लाख की वसूली हुई है। जो बकायेदार वसूली के लिए बच जाते हैं उनकी आरसी जारी की जाती है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 04 लाख 30 हजार रूपए की वसूली हुई है।
एसपी ओपी सिंह ने सदस्य को विभिन्न मामलों में पंजीकृत प्रकरणों एवं उन पर की गई कार्रवाइयों से अवगत कराते हुए कहा कि अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों को विभाग की ओर से सम्मानित भी किया जाता है। जनपद स्तर पर डिजिटल वॉलेंटियर्स ग्रुप के माध्यम वॉलेंटियर्स समाज के हर वर्ग में कार्य करेंगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में डायल 100 में भी काफी सुधार किये गए हैं। सदस्य ने कहा कि विवेचनाएं काफी लंबित रहती हैं, जिनमें समयबद्धता होनी चाहिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि जनपद में एक संप्रेक्षण गृह नेहरूनगर में एवं एक राष्ट्रीय बाल गृह दैलवारा में स्थित है। इस पर सदस्य ने कहा कि प्रत्येक बाल गृह का समय-समय पर निरीक्षण करते रहने को कहा।
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में एससी/एसटी वर्ग के लोगों पर अत्याचार होने पर उनकी आर्थिक सहायता की जाती है। जनपद में अब तक उत्पीड़न के 70 मामले, समाज कल्याण विभाग के समक्ष आए हैं, जिसमें से 02 बलात्कार एवं 68 अन्य प्रकार के उत्पीड़न के थे। इन सभी पीड़ितों को समयसीमा के भीतर ही सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण, पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, उप जिलाधिकारी सदर घनश्याम वर्मा, जिला विकास अधिकारी विद्यानाथ शुक्ल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके शाक्य आदि उपस्थित रहे।