विधि विषय में है कॅरियर बनाने के लिए अपार संभावनाएं
विधि सेमिनार में बताई विधि विषय की महत्ता व भविष्य
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
पहलवान गुरुदीन विधि महाविद्यालय में शुक्रवार को विधि विषय में कैरियर संवारने की अपार संभावनाएं विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को विधि का महत्व और उससे बनने वाले भविष्य के बार में विस्तार से बताया गया।
विधि सेमिनार में महाविद्यालय के संस्थापक पारसनाथ यादव ने किया। वक्ताओं ने कहा कि हमारा भारतीय समाज परिवर्तनशील है और नित नए विकास के नए-नए आयाम आते जाते हैं। इसलिए इन सभी को विधि द्वारा ही नियंत्रित किया जाता है। बिना नियम कानून के किसी मामले को नियंत्रित करने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इसलिए समान विकास के साथ विधि भी विकसित होती है। वर्तमान समय में विद्यार्थी विधि विषय से स्नातक, परास्नातक, एमफिल, पीएचडी, डिप्लोमा, साइबर क्राइम में डिप्लोमा, मानवाधिकार में डिप्लोमा आदि विभिन्न कोर्सों में प्रवेश लेकर विधि के क्षेत्र में अपना कॅरियर संवार सकता है। विधि स्नातक छात्र-छात्राएं पीसीएस (जे) परीक्षा में शामिल होने की योग्यता रखते हैं। इसके अलावा सरकारी वकील, कोर्ट, अभियोजन अधिकारी, विधि अधिकारी, बैंकों में विधिक अधिकारी, सलाहकार, रेलवे में विधि अधिकारी, प्राइवेट सेक्टर में लॉ फर्म के सदस्य अधिवक्ता, सभी राजकीय अर्द्धशासकीय विभागों में विधिक सलाहकार के महत्वपूर्ण पदों को प्राप्त कर सकते हैं। विधि विषय की यह बात महत्वपूर्ण है कि विधि स्नातक किया हुआ व्यक्ति आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो जाता है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में अनावश्यक भय का कोई स्थान नहीं रहता है और विधि को जानने वाला व्यक्ति ही समाज में विद्वान की श्रेणी में आता है। सर्वाधिक लाभ गृहणियों, कामकाजी महिलाओं, को होता है। उनका जीवन स्तर अन्य की अपेक्षा आत्मविश्वास से भरा होता है। सेमिनार में डॉ. अल्का यादव, रत्ना याज्ञिक, भूपेंद्र पंथ, नारायण दास, प्रसन्न कुमार, मनोज दुबे ने सेमिनार में प्रतिभाग किया और अपने-अपने विचार रखे। सेमिनार का संचालन विधि विभागाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने व आभार निदेशक सौरभ यादव ने व्यक्त किया।